मऊ(राष्ट्र की परम्परा) जिला एवं पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। मऊ सड़क दुर्घटना रैंकिंग 2026 में जनपद ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए प्रदेश स्तर पर टॉप फाइव जिलों में स्थान बनाया है। जनवरी 2025 की तुलना में जनवरी 2026 में जहां पूरे उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों, मृतकों और घायलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई, वहीं मऊ ने इसके विपरीत कमी हासिल कर मिसाल पेश की है।प्रदेश स्तर पर जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में दुर्घटनाओं की संख्या में 4 प्रतिशत, मृतकों में 0.9 प्रतिशत और घायलों में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन मऊ सड़क दुर्घटना रैंकिंग 2026 के अनुसार जिले में कुल 31 दुर्घटनाओं के मुकाबले इस वर्ष 25 हादसे दर्ज हुए, जो 19.4 प्रतिशत की कमी दर्शाता है।मृतकों की संख्या में भी बड़ा सुधार देखने को मिला। जनवरी 2025 में 19 लोगों की जान गई थी, जबकि 2026 में यह आंकड़ा घटकर 11 रह गया—यानी लगभग 45 प्रतिशत की कमी। घायलों की संख्या भी 14 से घटकर 11 हो गई, जो 21.4 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है।प्रदेश में प्रथम स्थान अंबेडकर नगर को मिला, जबकि सबसे खराब प्रदर्शन सुल्तानपुर का रहा। जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सेव लाइफ फाउंडेशन के सहयोग को दिया है।जिलाधिकारी ने नागरिकों से यातायात नियमों के पालन की अपील करते हुए सड़क सुरक्षा अभियानों को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।
सड़क दुर्घटना रैंकिंग 2026: प्रदेश में टॉप फाइव में शामिल, मौतों में 45% तक कमी
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