Thursday, April 2, 2026
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डीएम की अध्यक्षता में हुई पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।  जिलाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक विकास भवन में गांधी सभागार आहूत की गयीं।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में पशुपालकों की बन्नी (भैंस) का फोटोग्राफ उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया। के०सी०सी० एवं एन०एल०एम० आवेदन में आ रही कठिनाईयों का निराकरण करते हुए पूर्ति करने तथा गोशालाओं में गोमूत्र संग्रह करने हेतु निर्देशित किया गया। जनपद में चिन्हित चारागाह की भूमि के किनारे सहजन का वृक्षारोपण कराया जाय। जनपद के किसानों को कृषक उद्यमी के रूप में संगठित कर प्रत्येक कृषक परिवार को पूर्ण आत्मनिर्भर बनाने हेतु उत्तर प्रदेश कृषक उत्पादक संगठन (एफ०पी०ओ०) नीति, 2022 के अन्तर्गत 15 दिवस के अन्दर कृषकों को पशुधन विभाग की विभिन्न योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान करने हेतु प्रत्येक विकास खण्ड में कम से कम 01-01 एफ०पी०ओ० का गठन कराने एवं 05 तहसील में साईलेज की यूनिट स्थापित कराने तथा इस हेतु किसानों को जागरूक करने तथा बकरी पालन में प्रोग्रेसिव किसान का चयन करने हेतु मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया। नवीन वृहद गो संरक्षण केन्द्र का निर्माण कराने हेतु तहसील रूद्रपुर में जमीन का चिन्हांकन कराया जाय।
बैठक में टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, सेक्सड सीमेन की लक्ष्य / पूर्ति की प्रगति, नेशनल लाईव स्टाक मिशन, ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म के लाभार्थियों के यू०पी० इन्वेस्टर पोर्टल पर पंजीकरण एवं जिले स्तर पर सत्यापन रिपॉट का प्रेषण, प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र एवं बैंक सहमति पत्र, मा० मुख्यमंत्रीसहभागिता योजनान्तर्गत दिये गये गोवंश की निर्धारित प्रारूप पर सत्यापन रिर्पोट ग्राम पंचायत अधिकारी / लेखपाल द्वारा प्रत्येक माह की 25 से 30 तारीख तक मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में प्रेषित करने की स्थिति, गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण की धनराशि के मांग-पत्र, सत्यापन रिर्पोट के साथ प्रत्येक माह की 27 तारीख तक निर्धारित प्रारूप पर / आन-लाईन प्रेषण, पशुपालन से सम्बन्धित एफ०पी०ओ० के गठन तथा गो आश्रय स्थलों के माइक्रो मैनेजमेंट की समीक्षा जिलाधिकारी महोदय द्वारा की गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, समस्त उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

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