बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद के लखोलिया बेल्थरारोड़ निवासी अवकाश प्राप्त शिक्षक प्रेम शंकर पांडे का शुक्रवार को 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिवार, रिश्तेदारों तथा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
प्रेम शंकर पांडे अपने पीछे पत्नी और छह बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवारजनों के अनुसार वे सरल स्वभाव, अनुशासित जीवनशैली और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे शिक्षकीय जीवन में सैकड़ों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके पढ़ाए हुए कई छात्र आज विभिन्न सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।ग्रामीणों के अनुसार पांडे जी का व्यक्तित्व बेहद मिलनसार और प्रेरणादायी था। वे न केवल एक शिक्षक के रूप में बल्कि एक समाजसेवी के रूप में भी सक्रिय रहे। गांव में होने वाले सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता रहती थी। शिक्षा के साथ-साथ वे बच्चों को नैतिक मूल्यों और संस्कारों की शिक्षा देने पर भी विशेष बल देते थे।उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव एवं आसपास के क्षेत्रों के लोग उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचने लगे। कई पूर्व छात्रों ने भी अपने प्रिय गुरु के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनका मार्गदर्शन जीवन भर स्मरणीय रहेगा। क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी उनके निधन को शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति बताया है।परिजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार शनिवार को मुक्ति धाम हल्दी रामपुर में किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। परिवार के सदस्यों ने सभी शुभचिंतकों से अंतिम संस्कार में सम्मिलित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की है।
प्रेम शंकर पांडे का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का उदाहरण रहा। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें।
