
मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)
बरसात के इस मौसम में भी मनपा एम पूर्व वार्ड के अंतर्गत आने वाले कर्मवीर दादासाहेब गायकवाड़ नगर झोपड़पट्टी के रहिवासीयो को नाले का गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। खास बात यह है कि यहां के रहिवासीयो को सुबह पांच बजे जागकर पानी भरना पड़ रहा है उसके बाद भी मनपा एम पूर्व का जलविभाग यहां की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। मिली जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह से गायकवाड़ नगर झोपड़पट्टी में पानी का प्रेशर काफी कम हो गया है जिसके कारण स्थानीय नागरिकों को पानी के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बरसात के इस मौसम में जहां मुंबई की अनेक झोपड़पट्टियों में मलेरिया, डेंगू, पीलिया का प्रकोप फैला हुआ है वहीं गायकवाड़ नगर के नागरिकों को नाले का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यहां के सामाजिक कार्यकर्ता और सपा नेता जमीर तंबोली ने बताया कि यहां के लोगों को रात भर जागकर पानी भरना पड़ रहा है । इसके अलावा बरसाती पानी ड्रम , बाल्टी और टब में में रोपकर भरना पड़ रहा है।
मिली जानकारी अनुसार यहां के नाले कचरे से भरे पड़े हैं इसके अलावा जगह जगह गंदगी का आलम व्याप्त है। मुंबई कांग्रेस रोजगार स्वयं रोजगार विभाग के महासचिव डॉ. सत्तार खान ने बताया कि जिन नैनिहालो के पीठ पर पढ़ाई का बैग होना चाहिए उन नन्हें मुन्ने नैनिहालों के हाथ में पानी का डिब्बा खुले आम देखा जा सकता है। डॉक्टर सत्तार खान ने यह भी बताया कि यहां के लोगों को नाले के गंदे पानी की आपूर्ति होने के कारण यहां के लोगों को खाना बनाने और पीने के पानी के लिए जनता नगर झोपड़पट्टी में जाना पड़ता है। खान के अनुसार यदि इसी तरह गंदे पानी की आपूर्ति होती रही तो इलाके में भयंकर बीमारी का प्रकोप कभी भी फैल सकता है।