Saturday, February 28, 2026
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इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत: POCSO केस में अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक

प्रयागराज/वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़े POCSO मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखते हुए गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठ ने लंबी सुनवाई के बाद दिया।

नीचे जानिए इस पूरे मामले की 10 बड़ी बातें:

गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक
हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी पर अंतिम फैसला सुरक्षित रखते हुए अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

जांच में सहयोग का निर्देश
कोर्ट ने दोनों को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। पुलिस विवेचना जारी रहेगी।

12 मार्च तक लिखित दलीलें
अदालत ने पक्षकारों को 12 मार्च तक लिखित प्रस्तुतियां दाखिल करने का निर्देश दिया है।

21 फरवरी को दर्ज हुआ था केस
झूंसी थाना में 21 फरवरी को स्पेशल जज (POCSO एक्ट) के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई थी।

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माघ मेला और महाकुंभ से जुड़ा आरोप
मामला माघ मेला और महाकुंभ के दौरान कथित शोषण के आरोपों से जुड़ा बताया गया है।

बचाव पक्ष का दावा
बचाव पक्ष ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश बताया। एक कथित पीड़ित को बालिग होने का दावा भी किया गया।

सरकार ने किया विरोध
राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया गया।

कोर्ट में भारी भीड़
सुनवाई के दौरान कोर्ट नंबर 72 खचाखच भरा रहा। दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने विस्तृत बहस की।

समर्थकों ने मनाई खुशी
फैसले की सूचना मिलते ही वाराणसी स्थित मठ में समर्थकों ने भजन-कीर्तन और गरबा कर खुशी जताई। उन्होंने इसे “सत्य की जीत” बताया।

मार्च के तीसरे हफ्ते में फैसला संभव
अदालत का अंतिम फैसला मार्च के तीसरे सप्ताह में आने की संभावना है।

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