Friday, March 20, 2026
Homeउत्तर प्रदेशसहकारी समितियों के भवनों का मिशन कायाकल्प से कराये कायाकल्प : जिलाधिकारी

सहकारी समितियों के भवनों का मिशन कायाकल्प से कराये कायाकल्प : जिलाधिकारी

सहकारी सम्पत्तियों को कराया जाए अतिक्रमण मुक्त

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) । सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ किये जाने के उद्देश्यों से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित डिस्ट्रिक्ट्स कोआपरेटिव डेवलप्मेंट कमेंटी बैठक की अध्यक्ष्ता करतें हुए, जिलाधिकारी मोनिका रानी निर्देश दिया कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता संजीव कुमार तिवारी को निर्देश दिया कि जो सहकारी समिति एवं संस्थायें भू- अभिलेखों में दर्ज नहीं है अविलम्ब दर्ज कराने की कार्यवाही की जाय। साथ ही सहकारी समितियों एवं संस्थाओं की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाय। सहकारी समिति के भवनों को कायाकल्प योजनान्तर्गत मरम्मत, सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव प्रेषित किये जाय। जिन समितियों के भवन नहीं है, उन्हें भवन व गोदाम निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने की कार्यवाही भी की जाय। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि निष्क्रीय समितियों को दुग्ध, मत्स्य व कृषि विभाग से समन्वय स्थापित कर सक्रिय कराया जाय। इसके साथ ही अवशेष समितियों का डाटा नेशनल कोआपरेटिव डाटा बेस पोर्टल पर अपलोड कराया जाय।
बैठक के दौरान सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता ने बताया कि सहकारिता विभाग अन्तर्गत 111 बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति, मत्स्य विभाग की 48 एवं दुग्ध विभाग की 290 सहकारी समितियों का डेटा बेस ऑनलाइन फीडिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जनपद की 1041 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष सहकारिता, मत्स्य एवं दुग्ध विभाग की कुल 449 सहकारी समितियां कार्यरत है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये है कि सभी विभागों से समन्वय कर ग्राम पंचायतों में बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति, मत्स्य, दुग्ध का गठन कराये। जिन विभागों के अन्तर्गत जिला स्तरीय संस्था का गठन नहीं है, ऐसे विभागों के अन्तर्गत जिला स्तरीय संस्था के गठन की आपेक्षा की गयी है। सहकारिता विभाग के अन्तर्गत प्राथमिक सहकारी समितियों का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करके कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पंचायत, ग्राम स्तर पर प्राथमिक सहकारी समितियों को सभी आवश्यक बुनियादी ढांचा और लाजिस्टिक सहायता प्रदान करने हेतु बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति को सहकारी भूमि का आंवटन कराने एवं सहकारी समितियों को भू-अभिलेख में दर्ज कराने हेतु कमेटी का गठन किया गया। बैठक में यह भी अवगत कराया गया है कि जनपद में 32 बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति का कम्प्यूटराइजेशन एवं 75 बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति को कॉमन सर्विस सेन्टर हेतु चयनित किये जाने की कार्यवाही प्रगति पर है। इस अवसर पर पीडीडीआरडीए पी.एन. यादव, सहायक निदेशक मत्स्य जितेन्द्र तिवारी तथा अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments