देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कीटनाशक दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिले के सभी कीटनाशक विक्रेताओं के लिए विभागीय आईपीएमएस (इंटीग्रेटेड पेस्टीसाइड मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जिला कृषि रक्षा विभाग ने 26 अप्रैल तक पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि निर्धारित करते हुए इसे अंतिम अवसर बताया है।
विभाग के अनुसार जनपद में कुल 692 लाइसेंसधारी कीटनाशक विक्रेता हैं, जिनमें से 365 विक्रेताओं ने बार-बार निर्देशों के बावजूद अब तक पंजीकरण नहीं कराया है। इसके चलते संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। पहले पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 26 अप्रैल किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण न कराने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। यह व्यवस्था कीटनाशक बिक्री को व्यवस्थित करने, गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने और किसानों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से लागू की गई है।
विभाग ने यह भी बताया कि 26 अप्रैल के बाद जिले भर में औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। बिना पंजीकरण या निलंबित लाइसेंस के व्यापार करते पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी लाइसेंसधारी विक्रेताओं से समय रहते पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।
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