संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय खलीलाबाद स्थित मदरसा कुल्लियातुल बनातिर रजविया में छात्राओं के पंजीकरण को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है। मदरसा प्रबंधन द्वारा 338 छात्राओं के पंजीकरण की जानकारी दी गई थी, जबकि यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर केवल 213 छात्राएं दर्ज पाई गईं। इस तरह 125 छात्राओं का रिकॉर्ड उपलब्ध न होने से मामला संदिग्ध हो गया है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण
उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मदरसा प्रबंधन को नोटिस जारी कर शेष छात्राओं का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विभाग को कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ था।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्रवीण मिश्र ने बताया कि पंजीकरण में पाए गए अंतर की गहन समीक्षा की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
39 छात्राएं हुई थीं बोर्ड परीक्षा में शामिल
विभागीय पहल पर 39 छात्राएं मदरसा बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हुई थीं। ऐसे में पंजीकरण और परीक्षा में शामिल छात्राओं की संख्या में अंतर भी जांच का विषय बना हुआ है।
जमीन और सीलिंग विवाद भी चर्चा में
फरवरी 2024 में न्यायालय के आदेश के बाद मदरसे की भूमि राज्य सरकार के खाते में दर्ज कर परिसर को सील कर दिया गया था। बाद में पास की जमीन पर नए भवन में संचालन शुरू किए जाने की शिकायत मिलने पर नवंबर में प्रशासनिक टीम ने उस स्थान को भी सील कर दिया।
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एटीएस रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज
एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के विरुद्ध कोतवाली खलीलाबाद में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच फिलहाल जारी है।
क्यों अहम है यह मामला?
• 125 छात्राओं का रिकॉर्ड गायब होना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है
• यू-डायस पोर्टल और वास्तविक पंजीकरण में बड़ा अंतर
• पहले से भूमि और संचालन को लेकर विवाद
• एटीएस जांच के चलते मामला और संवेदनशील
प्रशासनिक स्तर पर यह देखना अहम होगा कि पंजीकरण में हुई गड़बड़ी तकनीकी है या जानबूझकर की गई त्रुटि। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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