महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आनंदनगर रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब रेलवे बोर्ड के सदस्य कृष्ण कुमार वर्मा ने स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन के पीछे पिछले करीब 70 वर्षों से दुकानें संचालित कर रहे पुराने दुकानदारों ने अपनी पीड़ा सामने रखते हुए रेलवे बोर्ड सदस्य को ज्ञापन सौंपा।
दुकानदारों ने बताया कि वे स्वतंत्रता के बाद से रेलवे विभाग द्वारा विधिवत एलॉटमेंट और लाइसेंस प्राप्त कर अपनी दुकानें चला रहे थे। इन्हीं दुकानों से उनके परिवारों की आजीविका, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और दैनिक जरूरतें पूरी होती थीं। लेकिन हाल में प्रशासनिक निर्णय और कार्रवाई के चलते उनकी दुकानें बंद करा दी गईं, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
व्यापारियों का कहना है कि दुकानें बंद होने से उनके सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अनेक परिवारों के पास आय का कोई वैकल्पिक साधन नहीं है, जिससे वे बेरोजगारी और भुखमरी की स्थिति में पहुंच गए हैं। वर्षों तक रेलवे परिसर में नियमों के तहत व्यापार करने वाले ये परिवार अब खुद को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से दुकानदारों ने मांग की कि उनके पुराने एलॉटमेंट और लाइसेंस की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उन्हें पुनः दुकानें संचालित करने की अनुमति दी जाए, ताकि वे सम्मान जनक जीवन यापन कर सकें।
ज्ञापन सौंपने वालों में ध्रुव वर्मा, आशुतोष श्रीवास्तव, मुरली मनोहर मिश्र, सोनू जायसवाल, शिवम जायसवाल और अमित अग्रहरी सहित अन्य दुकानदार शामिल रहे। रेलवे बोर्ड सदस्य ने दुकानदारों की बात गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों ने भी प्रशासन से दुकानदारों की रोजी-रोटी सुरक्षित करने की मांग की है।
आनंदनगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे बोर्ड सदस्य का औचक निरीक्षण, दशकों पुराने दुकानदारों की समस्या बनी मुद्दा
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