रेलवे प्रशासन का यात्रियों को तोहफा: समस्तीपुर रेल मंडल की बड़ी पहल, कई प्रमुख ट्रेनों का छोटे स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव

समस्तीपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक अहम और स्वागतयोग्य निर्णय लिया है। समस्तीपुर रेल मंडल की ओर से संचालित कई लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों को अब राज्य के छोटे लेकिन महत्वपूर्ण स्टेशनों पर अस्थायी रूप से दो-दो मिनट का ठहराव दिया जाएगा। इस कदम को यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के मद्देनजर बेहद खास माना जा रहा है।

✅ इन ट्रेनों का होगा अतिरिक्त ठहराव

रेलवे द्वारा जिन ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव दिया गया है, उनमें सद्भावना एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, सरयू-जमुना एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस और इंटरसिटी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।

🔹 सद्भावना एक्सप्रेस (आनंद विहार – रक्सौल और रक्सौल – आनंद विहार) गाड़ी संख्या 14007 (आनंद विहार – रक्सौल)
➤ 7 अगस्त 2025 से रुन्नी सैदपुर, बैरगनिया और घोड़ासहन स्टेशनों पर दो मिनट का ठहराव।गाड़ी संख्या 14008 (रक्सौल – आनंद विहार)
➤ 8 अगस्त 2025 से इन्हीं तीन स्टेशनों पर दो-दो मिनट का ठहराव मिलेगा।🔹 लिच्छवी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 14005/14006)

14005 (सीतामढ़ी-आनंद विहार)
➤ 6 अगस्त से रुन्नी सैदपुर स्टेशन पर रात 2:52 बजे से 2:54 बजे तक ठहराव। 14006 (आनंद विहार-सीतामढ़ी)
➤ उसी दिन शाम 19:28 से 19:30 बजे तक रुन्नी सैदपुर स्टेशन पर ठहरेगी।

🔹 सरयू-जमुना एक्सप्रेस 7 अगस्त 2025 से पंडौल स्टेशन पर दो मिनट का ठहराव।

🔹 शहीद एक्सप्रेस 8 अगस्त 2025 से पंडौल स्टेशन पर दो मिनट का ठहराव सुनिश्चित किया गया है।

🔹 इंटरसिटी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 13225/13226)

13225 (पटना-जय नगर)
➤ 6 अगस्त को 11:34 से 11:36 बजे तक पंडौल स्टेशन पर ठहराव।

13226 (जय नगर-पटना)
➤ 6 अगस्त को 13:12 से 13:14 बजे तक पंडौल स्टेशन पर दो मिनट के लिए रुकेगी।

🚉 स्थानीय यात्रियों को राहत

रेलवे के इस अस्थायी ठहराव के निर्णय से मधुबनी, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण जिलों के यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों का रुकना इन इलाकों के छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और कामकाजी लोगों के लिए सुविधाजनक साबित होगा।

📢 रेलवे ने की अपील

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी के साथ इन सुविधाओं का प्रयोग करें, स्टेशन पर अनुशासन बनाए रखें और यात्रा के दौरान स्वच्छता तथा नियमों का पालन करें। यदि यह प्रयोग सफल और सकारात्मक साबित होता है, तो भविष्य में इन ट्रेनों का ठहराव स्थायी रूप से जोड़ा जा सकता है।

📍 जन प्रतिनिधियों और संगठनों की भूमिका

रेलवे के इस फैसले के पीछे स्थानीय जन प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भूमिका को भी अहम माना जा रहा है, जिन्होंने लगातार रेल मंत्रालय से अनुरोध किया था कि ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों के यात्रियों को भी लंबी दूरी की ट्रेनों से जोड़ने की पहल की जाए।

समस्तीपुर मंडल द्वारा उठाया गया यह कदम आम जनता के हित में अत्यंत सराहनीय है। यदि यात्रियों का सहयोग और मांग बनी रही तो यह अस्थायी व्यवस्था भविष्य में स्थायी रूप लेकर क्षेत्रीय रेल सुविधाओं में एक नया अध्याय जोड़ेगी।



Editor CP pandey

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