नहर में कूदे दो छात्र, बचाई महिला की जान

तेज बहाव में जान की परवाह किए बिना उतरे कृष्णा-सद्दाम, डीएम ने प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित, राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए नाम भेजने के निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नहर में डूब रही महिला की जिंदगी बचाने के लिए कक्षा 10 के दो छात्रों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेज बहाव में छलांग लगा दी। मौके पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही मसीह सेवाश्रम इंटर कॉलेज के छात्र कृष्णा गुप्ता और सद्दाम हुसैन ने महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर इंसानियत और साहस की मिसाल पेश की। दोनों छात्रों के इस अदम्य साहस से प्रभावित जिलाधिकारी ने सोमवार को उन्हें अपने कार्यालय बुलाकर प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
घटना निचलौल थाना क्षेत्र की है। नहर में एक महिला के छलांग लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। इसी दौरान वहां मौजूद कक्षा 10 के छात्र कृष्णा गुप्ता निवासी सेखुई, थाना चौक और सद्दाम हुसैन निवासी कोहड़वल, थाना निचलौल ने महिला को नहर में डूबते देखा। हालात की गंभीरता को समझते हुए दोनों छात्रों ने बिना देर किए नहर में छलांग लगा दी।
नहर में तेज बहाव के बीच दोनों छात्रों ने साहस और सूझ-बूझ का परिचय देते हुए महिला को संभाला और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस टीम जब तक मौके पर पहुंची, छात्र अपना काम कर चुके थे। उनकी तत्परता ने एक जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छात्रों की बहादुरी की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने कृष्णा और सद्दाम को अपने कार्यालय बुलाकर सम्मानित किया। उन्होंने दोनों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए कहा कि छात्रों ने अपनी जान की परवाह किए बिना जिस तरह मानवता का परिचय दिया, वह समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में दूसरों की मदद के लिए आगे आना ही सच्ची संवेदनशीलता और जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने छात्रों के विद्यालय के प्रधानाचार्य को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कृष्णा और सद्दाम का साहस विद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उनके इस कार्य से अन्य विद्यार्थियों और युवाओं को भी विपरीत परिस्थितियों में मानवता के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलेगी।
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला सूचना अधिकारी को दोनों छात्रों के नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए प्रेषित करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन के इस कदम से छात्रों के साहस को व्यापक स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। नहर के तेज बहाव के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर एक महिला की जिंदगी बचाने वाले कृष्णा और सद्दाम की कहानी अब जिले में साहस, संवेदना और इंसानियत की मिसाल बन गई है।

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