जालंधर (राष्ट्र की परम्परा)। पंजाब के जालंधर जिले के गोराया कस्बे के मोहल्ला गुरु रविदास नगर निवासी मनदीप सिंह करीब तीन साल पहले बेहतर नौकरी और उज्ज्वल भविष्य की तलाश में रूस गया था। परिजनों के अनुसार एजेंटों ने उसे विदेश में अच्छी नौकरी का झांसा दिया, लेकिन वहां पहुंचते ही हालात पूरी तरह बदल गए।
परिवार का आरोप है कि मनदीप को कथित तौर पर जबरन रूस की सेना में भर्ती कर लिया गया और उसे रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। हैरानी की बात यह है कि मनदीप शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट नहीं था और उसकी एक टांग में गंभीर समस्या थी, इसके बावजूद उसे युद्ध में झोंक दिया गया।
संपर्क टूटने से बढ़ी चिंता
मनदीप ने शुरुआत में परिवार को फोन कर बताया था कि हालात ठीक नहीं हैं और उसे जबरन सेना में शामिल किया गया है। इसके बाद 1 मार्च 2024 से उसका परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। परिजन महीनों तक बेटे की एक कॉल या संदेश का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
एक साल बाद घर लौटा शव
लगातार प्रयासों के बाद परिवार को जानकारी मिली कि मनदीप की रूस-यूक्रेन जंग में मौत हो चुकी है। शव को ढूंढने और भारत लाने की प्रक्रिया में एक साल से अधिक का समय लग गया। रविवार देर रात मनदीप का शव दिल्ली होते हुए गोराया स्थित उसके घर पहुंचा।
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घर में मचा कोहराम
जैसे ही शव घर पहुंचा, परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां के आंसू नहीं थमे, जबकि पिता ताबूत देखकर फफक-फफक कर रो पड़े। मोहल्ले और आसपास के लोग सांत्वना देने पहुंचे। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों ने एजेंटों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार से न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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