दामिनी ऐप डाउनलोड कर पाएं वज्रपात की पूर्व चेतावनी
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।
अपर जिलाधिकारी वैभव कुमार मिश्रा ने जनपदवासियों से आह्वान किया है कि आकाशीय बिजली (वज्रपात) के खतरे को हल्के में न लें, क्योंकि जागरूकता की कमी के कारण अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम समय रहते सही जानकारी साझा करें, तो कई जीवन बचाए जा सकते हैं।
जागरूकता ही सुरक्षा
एडीएम ने लोगों से अपील की कि वे अपने घर-परिवार, पड़ोसी, रिश्तेदारों को वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी दें। उन्होंने इसे हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बताया।
वज्रपात से बचने के प्रमुख उपाय
बादलों की तेज गरज और बार-बार गड़गड़ाहट गंभीर खतरे का संकेत होती है।
यदि शरीर के बाल खड़े हो जाएं या त्वचा पर झुरझुरी हो तो समझ लें कि आपके आस-पास बिजली गिर सकती है।
कंक्रीट की दीवार या फर्श का सहारा न लें, इनसे करंट प्रवाहित हो सकता है।
बिजली चमकने पर पेड़, बिजली के खंभे और मोबाइल टावर के नीचे जाने से बचें।
फ्रिज, टीवी, कंप्यूटर आदि जैसे बिजली से चलने वाले उपकरणों को विद्युत स्रोत से हटा दें और मोबाइल का उपयोग बंद कर दें।
साइकिल, बाइक, ट्रक, नाव, नदी-तालाब या किसी खुले स्थान से तुरंत हट जाएं।
बिजली चमकने के समय एक जगह भीड़ न लगाएं — एक-दूसरे से कम से कम 15 फीट की दूरी रखें।
अगर कहीं छिपने का समय न हो, तो कान ढककर, एड़ियों को जोड़कर उकड़ू बैठ जाएं।
मकान या मजबूत छत वाले स्थान की ओर जल्दी बढ़ें।
वज्रपात से घायल व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित है — तुरंत चिकित्सा सुविधा दिलाएं।
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