Friday, February 20, 2026
HomeUncategorizedअंतर्राष्ट्रीय खबरेPrince Andrew की गिरफ्तारी से ब्रिटिश राजशाही में हलचल

Prince Andrew की गिरफ्तारी से ब्रिटिश राजशाही में हलचल

ब्रिटेन की राजशाही में उस समय हलचल मच गई जब गुरुवार (19 फरवरी 2026) को पूर्व Prince Andrew को जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कई घंटों तक पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया। ब्रिटिश इतिहास में राजपरिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई को बेहद असामान्य माना जा रहा है।

सैंड्रिंघम एस्टेट पर छापा

गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे पुलिस ने नॉरफ़ॉक स्थित Sandringham Estate में स्थित उनके नए आवास पर छापा मारा। Thames Valley Police ने बयान जारी कर कहा कि “नॉरफ़ॉक के 60 वर्ष के व्यक्ति को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ्तार किया गया है।”

हालांकि ब्रिटेन के नियमों के तहत पुलिस ने नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि गिरफ्तार व्यक्ति को जांच के तहत रिहा कर दिया गया है। नॉरफ़ॉक में तलाशी पूरी हो चुकी है, जबकि बर्कशायर स्थित Royal Lodge में जांच जारी है।

ये भी पढ़े – बाजार बंदी का फायदा उठाकर ज्वेलरी शॉप पर हमला, CCTV से होगी पहचान

किंग चार्ल्स तृतीय का बयान

घटना के बाद King Charles III ने कहा, “कानून को अपना काम करने देना चाहिए।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि Buckingham Palace पुलिस को पूरा सहयोग देगा।

गौरतलब है कि एंड्रयू को पहले ही उनके शाही खिताबों से वंचित किया जा चुका है, हालांकि वे अभी भी उत्तराधिकार की सूची में आठवें स्थान पर हैं।

Jeffrey Epstein से जुड़ा विवाद

एंड्रयू का नाम लंबे समय से जेफ्री एपस्टीन प्रकरण से जुड़ा रहा है। हालिया दस्तावेजों में दावा किया गया कि 2010 में ब्रिटेन के व्यापार दूत के रूप में उन्होंने एपस्टीन को संवेदनशील रिपोर्टें साझा की थीं।
एपस्टीन को 2008 में अमेरिका में नाबालिग को वेश्यावृत्ति के लिए उकसाने के अपराध में दोषी ठहराया गया था। 2019 में जेल में उनकी मृत्यु हो गई थी।

कानूनी परिणाम क्या हो सकते हैं?

ब्रिटेन में ‘Misconduct in Public Office’ (सार्वजनिक पद के दुरुपयोग) गंभीर अपराध है, जिसमें अधिकतम सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है। बताया जा रहा है कि कई ब्रिटिश पुलिस बल एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा कर रहे हैं।

यह मामला न केवल कानूनी बल्कि संवैधानिक और राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/?m=1#google_vignette

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments