प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। माघ मेले के दौरान प्रयागराज में पुलिस और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुयायियों के बीच हुई झड़प अब बड़ा विवाद बनती नजर आ रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि स्वामी और उनके अनुयायी बिना अनुमति परंपरा के खिलाफ आचरण कर रहे थे, और इस मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सुबह करीब 9 बजे अपने लगभग 200 अनुयायियों के साथ उस क्षेत्र में पहुंचे, जिसे सुरक्षा कारणों से पहले ही बंद किया गया था। उनके अनुयायियों ने बैरियर तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई।
तीन घंटे तक मार्ग अवरुद्ध
पुलिस के अनुसार स्वामी के समर्थकों ने छोटे बच्चों को आगे करके रास्ता अवरुद्ध किया और करीब तीन घंटे तक सामान्य लोगों के लिए वापसी मार्ग बंद रखा। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम पर बिना अनुमति के अपनी पालकी पर सवार होकर आने की जिद की, जिससे भारी भीड़ में भगदड़ का खतरा था।
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धरने पर बैठा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
विवाद बढ़ने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन उन्हें तय प्रोटोकॉल के अनुसार संगम तक नहीं ले जाएगा, वे गंगा स्नान नहीं करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने मीडिया को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आमंत्रित किया और प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई।
इस घटना के बाद माघ मेले की व्यवस्थाओं और प्रशासन की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी पहलुओं की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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