रूसी टैंकों संग हमला, पाक सैनिकों की पैंटें बंदूकों पर टांगीं – सीमा पर जंग का अलार्म!
काबुल/इस्लामाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खूनी जंग में तब्दील हो गया है। मंगलवार देर रात और बुधवार तड़के अफगान तालिबान ने पाकिस्तान की सीमा चौकियों पर जबरदस्त हमला बोल दिया। इस बार तालिबान ने रूस के पुराने युद्ध टैंकों को भी मैदान में उतार दिया — वे टैंक जो कभी सोवियत सेना से छीने गए थे।
तालिबान ने बयान जारी कर कहा कि “पाकिस्तान ने हमारे 12 मासूम नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया, जिसका जवाब हमने खून से दिया है।” तालिबान ने दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तान के कई सैनिकों को मार गिराया है और कईयों को जिंदा पकड़ लिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने पकड़े गए सैनिकों की पैंटों को अपनी बंदूकों पर टांग कर सीमा क्षेत्रों में गश्त लगाई — जो पाकिस्तान के लिए अपमानजनक दृश्य बन गया।
पाकिस्तानी सेना की सफाई – ‘हमने हमले विफल किए’
पाकिस्तान की सेना ने कहा कि अफगानिस्तान के तालिबान द्वारा दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों में किए गए दो बड़े हमलों को विफल कर दिया गया। सेना के प्रवक्ता के अनुसार, दक्षिणी कंधार प्रांत में अफगान सीमा के पास स्पिन बोल्डक में हुए हमले में लगभग 20 तालिबान लड़ाके मारे गए।
हालांकि, पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने यह भी माना कि उत्तर-पश्चिमी सीमा पर रात भर चली झड़पों में 30 से अधिक लोगों के मारे जाने की संभावना है। वहीं सीमावर्ती जिले ओरकजई में हुए एक अन्य हमले में छह पाकिस्तानी अर्धसैनिक जवान मारे गए और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
अफगानिस्तान का पलटवार – ‘पाकिस्तान ने पहले हमला किया’
अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि उसने अफगान क्षेत्र में हल्के और भारी हथियारों से हमला किया, जिसमें 15 नागरिकों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान बार-बार हमारी सीमाओं का उल्लंघन कर रहा है, हम अपनी जमीन की रक्षा करना जानते हैं।”
यह झड़प पिछले सप्ताह हुए उस टकराव की अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसमें अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर बदले की कार्रवाई की थी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में काबुल में हुए हमले के लिए पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था।
रूसी टैंकों की दहाड़ से कांपा सीमा इलाका
रिपोर्टों के अनुसार, तालिबान ने इस बार रूसी मूल के पुराने टी-55 और टी-62 टैंकों का इस्तेमाल किया, जो कभी सोवियत युद्ध में इस्तेमाल हुए थे और अब तालिबान के नियंत्रण में हैं। सीमा क्षेत्रों में टैंकों की गड़गड़ाहट से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
सीमा पर हालात बिगड़े – नागरिकों में दहशत
सीमा पार के गांवों में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। दर्जनों घर तबाह हुए, कई नागरिकों की मौत हुई और अस्पतालों में घायल सैनिकों और नागरिकों की भीड़ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
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