Sunday, March 1, 2026
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पॉलिटेक्निक के छात्र ने हॉस्टल के कमरे में की आत्महत्या

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के रेलवे यांत्रिक कारखाना के पास स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक के हॉस्टल मे सोमवार की दोपहर 22 वर्षीय एक छात्र ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी।
मिली जानकारी के अनुसार देवरिया जनपद के जद्दू परसिया निवासी 22 वर्षीय धीरज कुशवाहा पिछले साल अक्टूबर माह में राजकीय पॉलिटेक्निक में 3 वर्षीय प्लास्टिक मोड टेक्नोलॉजी कोर्स में प्रवेश लिया था। वह पॉलिटेक्निक परिसर स्थित हॉस्टल के प्रथम तल के कमरे में 4 छात्रों के साथ रहकर पढ़ाई करता था। सोमवार को धीरज पढ़ने नहीं गया था। जबकि 2 छात्र पढ़ाई करने गए थे। एक छात्र 2 दिन पहले अपने गांव चला गया हैं। 3 बजे के करीब दोनों छात्र पढ़ने के बाद कमरे पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो छात्रों ने वार्डन और हास्टल के अन्य छात्रों को जानकारी दी। जिसके बाद वार्डेन ने पॉलिटेक्निक प्रशासन और शाहपुर पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो छात्र का शव तौलिया के सहारे फंदे से लटक रहा था। पुलिस ने कमरे की जांच पड़ताल करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में सभी विषय में फेल होने से छात्र ने आत्मघाती कदम उठाया है।
इस सम्बंध में
शाहपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय का कहना है कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर जांच की जा रही है।

धीरज प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में 6 विषय में हो गया था फेल

पॉलिटेक्निक के छात्रों ने बताया कि धीरज पिछले साल अक्टूबर माह में एडमिशन लिया। फरवरी माह में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। रिजल्ट आने के बाद पता चला कि 6 विषय में फेल है। उसी को लेकर हमेशा परेशान रहता था। वही दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा 12 जून से होगी। रविवार को डेट शीट जारी होने की जानकारी धीरज को हुई थीं।
इस घटना से पॉलिटेक्निक के छात्र और शिक्षक हतप्रभ हैं। शिक्षकों ने बताया कि पॉलिटेक्निक में पास होने के लिए कई ऑप्शन है। फेल होने पर पुनः उत्तर पुस्तिका की मूल्यांकन कराई जा सकती है। उसके बाद 3 साल के अंदर जिस विषय में फेल हुए हैं उसकी दुबारा परीक्षा दी जा सकती है।

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