बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

बागी बलिया का द्वाबा क्षेत्र, जो देश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ और बागी तेवरों के लिए जाना जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह राजनीति नहीं, बल्कि एक दुःखद घड़ी में हुई शर्मनाक घटना है।

27 जुलाई को एक ब्राह्मण परिवार के अंत्येष्टि स्थल पर पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह और उनके समर्थकों के साथ झड़प हो गई। घटना इतनी गंभीर हो गई कि शोक में डूबे परिवार के सामने राजनीति का गरम माहौल खड़ा हो गया। लोग आपस में यही सवाल कर रहे हैं— “द्वाबा की सियासत में अंत्येष्टि स्थल पर झड़प और मारपीट कितनी उचित है?”

झड़प में पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह के कई समर्थक घायल हो गए। सुरेंद्र सिंह अपने घायल साथियों के साथ बैरिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

वहीं दूसरी ओर सांसद वीरेंद्र सिंह (मस्त) के पुत्र विपुलेंद्र सिंह भी इस विवाद में घायल हो गए। उनका इलाज कराया गया और थाने में अलग से तहरीर दी गई।

पुलिस ने घटनास्थल पर पूरी सतर्कता बरतते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा है। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है, लेकिन यह घटना द्वाबा की राजनीति पर एक काला धब्बा छोड़ गई है।