बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। विकास खंड नवाबगंज के ग्राम पंचायत उमारिया में मनरेगा योजना के अंतर्गत पौधारोपण कार्य सिर्फ कागजों पर सीमित रह गया है। बारिश के बाद भी ग्राम पंचायत में एक भी पौधा नहीं लगाया गया, जबकि मास्टर रोल में श्रमिकों की हाजिरी दर्ज कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
ग्राम पंचायत में मौके पर जांच करने पर पाया गया कि मनरेगा योजना के तहत बड़ी संख्या में लेबरों की ऑनलाइन हाजिरी चढ़ाई गई है, जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। स्थानीय ग्रामीणों — राजू, घनश्याम पुत्र राम प्रसाद, संतोष कुमार, सुरेश कुमार, ओमप्रकाश, प्रमोद कुमार, गंगाराम और परमानंद — ने बताया कि पिछले कई दिनों में किसी भी प्रकार का विकास कार्य नहीं हुआ है।
प्रधान प्रतिनिधि रफीक अहमद ने बताया कि कुछ दिन पहले रामलीला मैदान, अमृत सरोवर, पंचायत भवन और कब्रिस्तान के पास वृक्षारोपण कराया गया था, लेकिन अब पौधे नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि “पौधों का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी नहीं है, संभवतः मवेशियों ने खा लिया होगा।”
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इस बीच, खण्ड विकास अधिकारी राहुल पांडेय से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एपीओ अनिल तिवारी ने कहा कि “मामले की जांच कराई जाएगी।” वहीं डीसी मनरेगा से बात करने पर उन्होंने जानकारी करवाने की बात कहकर फोन काट दिया।
गौरतलब है कि योगी सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर चुकी है, लेकिन ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान और अधिकारियों की मिलीभगत से मनरेगा योजनाओं में भ्रष्टाचार चरम पर है। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट जारी है, जबकि अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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