अंकारा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। तुर्किये में एक बड़े विमान हादसे में लीबिया के शीर्ष सैन्य अधिकारी मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई। इस घटना की आधिकारिक पुष्टि लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल-हमीद दबीबे ने की है। हादसा मंगलवार शाम उस समय हुआ, जब लीबियाई प्रतिनिधिमंडल तुर्किये की राजधानी अंकारा से आधिकारिक दौरे के बाद स्वदेश लौट रहा था।
प्रधानमंत्री दबीबे की ओर से जारी बयान में इस हादसे को दुर्घटनापूर्ण और बेहद दुखद बताया गया। उन्होंने कहा कि यह लीबिया के लिए एक बड़ी क्षति है और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह
लीबियाई अधिकारियों के अनुसार, फाल्कन-50 श्रेणी का निजी जेट उड़ान भरने के करीब 30–40 मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क खो बैठा। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को दुर्घटना का कारण बताया गया है। विमान ने संपर्क टूटने से पहले अंकारा के दक्षिण में स्थित हायमाना जिले के पास आपात संकेत (इमरजेंसी सिग्नल) भी भेजा था।
मलबा बरामद, सभी के मारे जाने की पुष्टि
तुर्किये के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने बताया कि विमान का मलबा अंकारा के पास बरामद कर लिया गया है। इसके बाद लीबिया के प्रधानमंत्री ने विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत की पुष्टि कर दी।
इस हादसे में जान गंवाने वालों में लीबिया के जमीनी बलों के प्रमुख जनरल अल-फितौरी गरैबिल, सैन्य विनिर्माण प्राधिकरण के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल महमूद अल-कतावी, चीफ ऑफ स्टाफ के सलाहकार मोहम्मद अल-असावी दियाब और सैन्य फोटोग्राफर मोहम्मद उमर अहमद महजूब शामिल हैं। तीनों चालक दल के सदस्यों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
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तुर्किये दौरे पर थे अल-हद्दाद
मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद तुर्किये के आधिकारिक दौरे पर अंकारा पहुंचे थे, जहां उन्होंने रक्षा मंत्री यासर गुलर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। वे पश्चिमी लीबिया के शीर्ष सैन्य कमांडर थे और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से लीबिया की विभाजित सेना को एकजुट करने की प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी।
एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद
हादसे के बाद अंकारा के एसेनबोगा एयरपोर्ट को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया और कई उड़ानों को डायवर्ट किया गया। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। इस घटना को लीबिया की सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से गंभीर झटका माना जा रहा है।
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