आशा व निराशा दोनों ही की सोच
मानव जीवन में कभी न कभी छूटती है,
आशा की ज्योति अंधेरी राहों में भी
जीवन को प्रकाशित कर देती है।
निराशा भी आशा बढ़ने पर हमेशा
जीवन के दुख दर्द समेट लेती है,
जीवन में सकारात्मक पहलू की
दिशा हर तरह से ख़ुशियाँ देती है।
आशायें चाहे कम हों या ज़्यादा
निराशा से हमेशा बेहतर होती हैं,
आशा जहाँ प्रोत्साहित करती है,
निराशा सदा निरुत्साहित करती है।
क्रोध में इंसान ग़लतियाँ करता है,
क्षमाशीलता संबंध आगे बढ़ाती है,
शांतिप्रियता सुख संतोष देती है,
वहीं कलह हर तरह संताप देती है।
आदित्य जीवन का आनंद लेते रहना
सर्वश्रेष्ठ अवयव माना जाता है,
जीवन का विश्लेषण करते रहना,
हर तरह से मुश्किलें पैदा करता है।
कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ
देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव में भी पड़ा छापा लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा)।…
देवरिया में शिक्षक की आत्महत्या: BSA ऑफिस में घूसखोरी का आरोप, सुसाइड नोट में संजीव…
फोकस वर्ड – संगोष्ठीटैग - गोरखपुर, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, राष्ट्रीय…
बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा) शासकीय महाविद्यालय बिछुआ के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं एन.आई.आई.टी.…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के दुधारा थाना क्षेत्र में गगैईचा-दसावा मार्ग पर…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय खलीलाबाद के विधियानी स्थित राज ग्लोबल किड्स…