पटना (राष्ट्र की परम्परा)। पटना में बिहार दिवस के अवसर पर “टीचर्स ऑफ बिहार” द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका “प्रज्ञानिका” के द्वितीय खंड के प्रथम अंक का भव्य विमोचन किया गया। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शिक्षकों और छात्रों के लिए सशक्त मंच
“प्रज्ञानिका” को केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि शिक्षकों, छात्रों और शिक्षा विभाग के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम बताया जा रहा है। इसमें शिक्षकों के अभिनव प्रयोग, सफलता की कहानियां और शिक्षा से जुड़े अहम विषयों को स्थान दिया गया है।
गरिमामय समारोह में हुआ विमोचन
पटना में आयोजित समारोह में संपादन टीम ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों को पत्रिका की प्रति भेंट की। अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा सुधार की दिशा में अहम कदम बताया।
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समर्पित टीम का सराहनीय योगदान
पत्रिका के प्रकाशन में प्रधान संपादक डॉ. चंदन श्रीवास्तव, सह-संपादक शुभी श्रीवास्तव और डॉ. पूनम कुमारी सहित पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। तकनीकी और संपादन टीम की मेहनत से यह पत्रिका साकार हो सकी।
शिक्षा में सुधार और नवाचार पर जोर
संस्थापक शिव कुमार और टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने कहा कि “प्रज्ञानिका” शिक्षकों की रचनात्मकता का प्रतीक है और यह शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने का एक अभियान है।
शिक्षकों से जुड़ने की अपील
प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार और मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने शिक्षकों से इस पहल से जुड़ने और अपने अनुभव साझा करने की अपील की, ताकि शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
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