अभिभावक अपने बच्चे को भरोसा दिलाएं कि वे परीक्षा में बेहतर करेंग-उमेश शर्मा

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)
बोर्ड की परीक्षाओं में सभी अभिभावकों की अपेक्षा रहती है कि उनकी संतान परीक्षा अच्छे से अच्छा नंबर लाए। इसी अपेक्षा में वे जाने-अनजाने बच्चों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव और तनाव डाल देते हैं, जिसके चलते उनकी पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाती और विद्यार्थियों के मन में निराशा की भावना आ जाती है। कई बार परीक्षा में असफल होने या अभिभावकों की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरने पर विद्यार्थी गलत कदम भी उठा लेते हैं।
सन्दर्भ में लोकप्रिय व् सुप्रशिद्ध वरिष्ठ समाजसेवी डॉ उमेश शर्मा ने बताया कि यह परीक्षाओं का समय है, पढ़ाई के लिए दबाव बनाना वास्तव में बच्चों पर और अधिक तनाव डालना है। अभिभावक अपने बच्चों को यह जरूर कहें कि हम जानते हैं कि तुम परीक्षा में अच्छी परफारमेंस के लिए तैयार हो। अपनी तरफ से अच्छा करो। तुम्हारा जैसा भी परीक्षा परिणाम आएगा हमें मंजूर होगा। बच्चों के सामने चिंतित चेहरा न रखें। अभिभावकों का चिंतित चेहरा देखकर बच्चे और अधिक तनाव अनुभव करेंगे। इससे जो वे याद किए हैं और पढ़े हैं, वह भूलने लगेंगे। परीक्षा की तैयारी के दौरान बच्चों को अच्छे पेन लाकर दें जो उनके लिए जरूरी है। यह बच्चों के तनाव को हल्का करने में सहायक होगा। बच्चों को तैयारी में सहायता जरूर करें पर दबाव न डालें। कठिनाइयों को शिक्षकों व सहपाठियों से साझा करें। विद्यार्थियों के लिए यह समय कुछ नया पढ़ने या सीखने का नहीं है। जो वे पढ़ चुके हैं उसके रिविजन में जुट जाएं। विद्यार्थी उन विषयों और पाठ्यक्रम को पहचानने की कोशिश करें, जिनमें उन्हें कठिनाई आती है। इसके बाद शिक्षक या विषय के जानकार अन्य लोगों से मिलकर उन कठिनाइयों को दूर करें और माता-पिता व अभिभावक अपने बच्चे को भरोसा दिलाएं कि वे परीक्षा में बेहतर करेंगे।
शर्मा ने आगे कहा कि बच्चों का चंचल मन बहुत जल्दी दूसरी तरफ डायवर्ट हो जाता है। घर में पढ़ाई का माहौल बनाए रखें। इस दौरान शादी विवाह या अन्य आयोजनों में बच्चों का जाना अवाएड करें।बच्चों की कमजोरियों का भी दूसरे के सामने न प्रकट करें न ही उपहास उड़ाए। बल्कि उन्हें एकांत में बैठा करके उसे दूर करने का प्रयास करें। उनकी थोड़ी सी भी नाराजगी बच्चों की आलोचना या नकारात्मक कमेंट बच्चों के कंसंट्रेट को बिगाड़ने के लिए पर्याप्त होता है, बच्चों को उच्च मनोबल और उत्साह से परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करें। निसंदेह इससे वह बेहतर कर पायेंगे। अगर किसी कारणवस रिजल्ट अपेक्षा के अनुसार नहीं रहा तो यह न मानें की उनके लिए दुनिया खत्म नहीं हुई है। भले ही थोड़ी ही देर लगे लेकिन आप सही दिशा में ईमानदारी से पूरी जिम्मेदारी के साथ मेहनत करेंगे तो निश्चित ही सफल होंगे। इसलिए सभी अभिभावकों की से हमारी अपील हैं कि विद्यार्थियों पर अधिक नंबर या परसेंटेज लाने के लिए अनावश्यक दबाव ना बनाएं।

rkpnews@somnath

Recent Posts

पीओजेके में विरोध-प्रदर्शन और हिंसा के बाद बढ़ी सतर्कता, एलओसी पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

मेंढर/पुंछ (राष्ट्र की परम्परा)। पुंछ जिले की मेंढर तहसील के बालाकोट सेक्टर तथा नियंत्रण रेखा…

21 minutes ago

शाहजहांपुर: डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर योग सप्ताह का किया शुभारंभ, स्वस्थ जीवन के लिए योग अपनाने का दिया संदेश

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 के अंतर्गत सोमवार को शहीद संग्रहालय परिसर…

23 minutes ago

बिजली की समस्या को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह का होगा धरना

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l सोमवार 15 जून 2026 को कांग्रेस प्रवक्ता रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व…

18 hours ago

पत्रकारों के हितों के लिए संगठन की मजबूती आवश्यक : डॉ. सतीश चंद्र शुक्ला

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति एवं सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ की…

18 hours ago

विश्व रक्तदाता दिवस पर देवरिया पुलिस लाइन में रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर, 20 पुलिसकर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान

एसपी अभिजीत आर. शंकर ने किया शुभारंभ, रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित देवरिया…

22 hours ago

खाकी का ‘महादान’: पुलिस लाइन में उमड़ा सेवा का सैलाब, एसपी और सावित्री हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने पेश की मिसाल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। ‘रक्तदान महादान’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से…

22 hours ago