बिहार प्रदेश

खान सर-रौशन सर विवाद पर पप्पू यादव का बड़ा बयान, बोले- दोनों शिक्षकों को क्रिमिनल की तरह ट्रीट नहीं करना चाहिए

पटना (राष्ट्र की परम्परा)। खान सर और रौशन सर से जुड़े विवाद पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने दोनों शिक्षकों का सम्मान करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा होना कोई अपराध नहीं है और उन्हें अपराधियों की तरह पेश नहीं किया जाना चाहिए।

पप्पू यादव ने कहा कि कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा को विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अच्छी संस्थाओं और शिक्षकों की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

दोनों शिक्षकों के ज्ञान पर कोई सवाल नहीं

पप्पू यादव ने कहा कि खान सर और रौशन सर दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में सम्मानित शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है, जबकि दूसरे ने पिछले कुछ वर्षों में छात्रों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा, “दोनों के ज्ञान पर कोई सवाल नहीं है, दोनों की प्रतिस्पर्धा पर कोई सवाल नहीं है। दोनों आदरणीय हैं, लेकिन जिस तरह कुछ लोग इस मामले का मजाक बना रहे हैं, वह उचित नहीं है।”

‘क्रिमिनल की तरह ट्रीट करना गलत’

सांसद ने कहा कि गोली चलाने की घटना में संबंधित गार्ड की भूमिका की जांच होनी चाहिए, लेकिन किसी शिक्षक को अपराधी की तरह पेश करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि रौशन सर को जेल भेजना भी गलत कदम था।

पप्पू यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षक और डॉक्टर जैसे पेशों से जुड़े लोगों को बाउंसर रखने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने इसे अहंकार और वर्चस्व की लड़ाई करार दिया।

‘यह अहंकार की लड़ाई है’

उन्होंने कहा कि यह पूरा विवाद “हम बड़े या आप बड़े” की मानसिकता से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की प्रतिस्पर्धा और टकराव से छात्रों का नुकसान होता है।

निजी नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों पर भी उठाए सवाल

मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुई आग की घटना का उल्लेख करते हुए पप्पू यादव ने बिहार में निजी नर्सिंग होम और कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बड़ी संख्या में निजी नर्सिंग होम नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की।

पप्पू यादव ने कहा कि राज्य में बिना पर्याप्त निगरानी के बड़ी संख्या में नर्सिंग होम और कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिनकी नियमित जांच और नियमन आवश्यक है।

Karan Pandey

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