Wednesday, January 14, 2026
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6.10 लाख की गड़बड़ी पर गिरी गाजः पंचायत सचिव सस्पेंड, डीएम की सख्ती से महकमे में हड़कंप

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा )। वर्ष के अंतिम दिन बुधवार को लक्ष्मीपुर ब्लॉक में उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्राम पंचायत बकैनिया हरैया में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पंचायत सचिव अश्वनी पटेल को प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी की सख्ती और स्पष्ट निर्देश के बाद की गई, जिससे पूरे जिले के पंचायत महकमे में खलबली मच गई।
बताया जाता है कि बुधवार सुबह लगभग दस बजे जिलाधिकारी जब अपने पटल पर पहुंचे तो संबंधित प्रकरण में अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और सीधे जिला पंचायत राज अधिकारी से बात कर तत्काल आदेश के अनुपालन के निर्देश दिए। जिलाधिकारी का निर्देश मिलते ही डीपीआरओ द्वारा सचिव अश्वनी पटेल के निलंबन की कार्रवाई कर दी गई।
जांच में ग्राम पंचायत बकैनिया हरैया में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा केंद्रीय वित्त आयोग के अंतर्गत कराए गए कार्यों में कुल ₹6,10,684 की वित्तीय अनियमितता पाए जाने की पुष्टि हुई। यह मामला 14 अक्टूबर 2025 को एक ग्रामीण द्वारा की गई शिकायत के बाद प्रकाश में आया था, जिसके आधार पर औपचारिक जांच शुरू की गई।
संयुक्त जांच टीम की रिपोर्ट में पंचायत सचिव अश्वनी पटेल के साथ ग्राम प्रधान को भी अनियमितताओं का जिम्मेदार माना गया। जांच के दौरान सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनके द्वारा दिया गया जवाब जांच अधिकारियों को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के साथ ही सचिव अश्वनी पटेल को एडीओ कार्यालय परतावल से संबद्ध कर दिया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त अभियान के तहत आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद पंचायत सचिवों और ग्राम पंचायत स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों में भारी हलचल देखी जा रही है, वहीं प्रशासनिक सख्ती को लेकर आमजन में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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