मानव जीवन में सुख-दुःख तो
बहता पानी है इनसे क्यों डरना,
आजीवन प्रभू का गुणगान करना,
उनकी कृपा, भवसागर पार होना।
सर्दी का प्रकोप प्रचंड बढ़ा है,
पर हमने जरा नहीं घबराना है,
मुश्किल घड़ी लेती परिक्षा है,
उसमें पास हो दिखालाना है।
मौसम भी इस क़दर ख़ुमारी में है,
लखनऊ शिमला जैसा दिखता है,
इसलिये अलाव का मजा लीजिये,
सोंधी खुशबू, लिट्टी चोखा खाइए।
ये भी पढ़ें –भोर में गोलियों की गूंज: पुलिस मुठभेड़ में दो गो-तस्कर धराए, तीन फरार
देखे हैं मात्र एक लँगोटी में निवस्त्र,
कण्ठ में झूलती जिनके रुद्राक्ष माल,
कड़कड़ाती सर्दी में बज रहा डमरू,
धूनी रमाये मिलते हैं हमारे धर्म गुरू।
रवि की मकरगति, मकरसंक्रांति,
महाकुंभ स्नान संगम प्रयागराज में,
अखाड़ों में साधू संतों का जमघट,
आदित्य यह है भारतीय संस्कृति।
डॉ. कर्नल
आदिशंकर मिश्र ‘आदित्यसी
आठ माह से मानदेय बकाया, ग्राम रोजगार सेवकों का फूटा गुस्सा—हड़ताल से ठप पड़े विकास…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बदलते समय के इस दौर में जहां समाज तेजी से आधुनिकता…
भारत की उभरती वैश्विक ताकत: लोकतंत्र, युवा जनसांख्यिकी और स्किल्ड वर्कफोर्स का अनोखा संगम गोंदिया…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के घुघली थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुए दर्दनाक सड़क…
औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में नवागंतुक जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने मंगलवार को कोषागार स्थित…
आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l विश्व दिव्यांग दिवस 03 दिसम्बर 2026 के अवसर पर दिव्यांग जनों…