विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च, पुलिस ने रोका – सड़क पर बैठकर किया विरोध

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 2024 लोकसभा चुनाव में कथित ‘मतदाता धोखाधड़ी’ के खिलाफ संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च निकालने का प्रयास किया। यह मार्च सुबह 11:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार से शुरू होना था और ट्रांसपोर्ट भवन होकर निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय) तक जाना था।

मार्च शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी और परिवहन भवन के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए। पुलिस का कहना था कि इस मार्च के लिए विपक्ष ने कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली है। पुलिस द्वारा रोकने पर कई विपक्षी नेता वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिस बैरिकेड कूदकर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन आगे फिर से रोके जाने पर अन्य नेताओं के साथ बैठकर विरोध जताया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने इसे शांतिपूर्ण मार्च बताते हुए कहा कि सरकार और पुलिस उन्हें रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है।

वहीं, भाजपा सांसदों ने इस प्रदर्शन को “राजनीतिक नौटंकी” बताया। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “विपक्ष ने संसद नहीं चलने दी, अब तमाशा मार्च निकाल रहे हैं। इससे उन्हें जनता से सिर्फ निराशा मिलेगी।” भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, “चुनाव आयोग ने विपक्ष से सबूत मांगे हैं, लेकिन वे देने को तैयार नहीं। तेजस्वी यादव के पास खुद दो ईपीआईसी कार्ड हैं, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए।”

जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि एसआईआर बिहार में कोई विवाद का मुद्दा नहीं है और लोग इस प्रक्रिया से खुश हैं। उन्होंने कहा, “दिल्ली में बैठकर बिहार के मुद्दे को तूल दिया जा रहा है, जबकि यह पारदर्शिता बढ़ाने वाली कवायद है।”

इसी बीच, कांग्रेस के अनुरोध पर चुनाव आयोग ने दोपहर 12 बजे विपक्षी नेताओं से संवाद के लिए बैठक तय की, जिसमें अधिकतम 30 प्रतिनिधियों को अनुमति दी गई। बैठक के एजेंडे का खुलासा नहीं किया गया है।

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में सांसदों के नए फ्लैटों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नए आवास से सांसदों को बेहतर सुविधा मिलेगी और सरकारी खर्च में भी कमी आएगी। पीएम ने बताया कि 2014 से अब तक लगभग 350 सांसद आवास तैयार किए गए हैं, जबकि 2014 से पहले एक दशक तक कोई नया आवास नहीं बना था।

संसद में एसआईआर विवाद और विपक्ष के हंगामे के चलते सोमवार को दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

Editor CP pandey

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