संसद सत्र के पहले दिन विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही बाधित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा) संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो गया, लेकिन पहले ही दिन का अधिकतर समय शोर-शराबे और विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दलों ने पहलगाम आतंकी हमले, भारत-पाक तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप की कथित मध्यस्थता की पेशकश और बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दागे।

सुबह सत्र शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने सरकार से इन संवेदनशील और जनहित से जुड़े मामलों पर तत्काल जवाब देने की मांग की। इस दौरान संसद के भीतर शोरगुल इतना अधिक बढ़ गया कि स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 4 बजे तक स्थगित कर दी, जबकि राज्यसभा को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

सरकार पर तीखे सवाल, ट्रंप की टिप्पणी बनी सियासी हथियार

लोकसभा में विपक्ष ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए उस बयान को लेकर सरकार से जवाब मांगा, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की बात कही थी। विपक्षी सांसदों ने पूछा कि क्या भारत सरकार ने ट्रंप को कोई आधिकारिक प्रस्ताव दिया था? सरकार की चुप्पी पर विपक्ष ने जोरदार आपत्ति जताई।

बिहार की मतदाता सूची और पहलगाम हमला भी रहा केंद्र में

इसके अलावा बिहार में मतदाता सूची को लेकर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर भी विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं और यह सत्ताधारी दल के हित में काम कर रहा है। वहीं, पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले को लेकर भी विपक्ष ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि बार-बार आतंकी हमले देश की आंतरिक सुरक्षा पर चिंता पैदा कर रहे हैं।

संसद परिसर में अलग ही नजारा

हंगामे के इस माहौल के बीच संसद भवन के बाहर का नजारा अलग ही था। सांसदों के विरोध प्रदर्शन और मीडिया से बातचीत के चलते संसद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। वहीं, कुछ सांसदों ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर प्रदर्शन किया, तो कुछ ने काले कपड़े पहनकर विरोध जताया।

सरकार ने किया जवाब देने का वादा, लेकिन…

सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष को आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए उचित समय दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बहस से नहीं डरती, लेकिन चर्चा शांति और अनुशासन के साथ होनी चाहिए। बावजूद इसके, विपक्ष अपने विरोध से पीछे हटता नहीं दिखा।

नजरें अब कल की कार्यवाही पर

अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं। क्या विपक्ष शांत होकर मुद्दों पर चर्चा करेगा या फिर हंगामा जारी रहेगा — यह देखना दिलचस्प होगा। संसद सत्र के पहले दिन के हालात ने साफ कर दिया है कि यह मॉनसून सत्र टकराव भरा रहने वाला है।

Editor CP pandey

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