मेंहदावल विधायक ने चीफ इंजीनियर को आपूर्ति बहाल करने की दी हिदायत
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले भर में करीब 72 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार तीन दिन से बिजली नहीं आने के कारण घरों और दुकानों के जरूरी काम प्रभावित हैं। मोबाइल चार्ज करने से लेकर पानी और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली संकट को लेकर नागरिक लगातार स्थानीय विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी से शिकायत कर रहे हैं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए विधायक ने रविवार को बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर से फोन पर बातचीत की। उन्होंने शहर में लंबे समय से जारी बिजली संकट पर नाराजगी जताते हुए शाम सात बजे तक हर हाल में आपूर्ति बहाल कराने के निर्देश दिए।बिजली विभाग की ओर से आपूर्ति बाधित होने की वजह चक्रवात के साथ तेज आंधी और बारिश से हुआ नुकसान बताया जा रहा है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल गिरने के साथ लाइनों को भी नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त लाइनों की पेट्रोलिंग और जांच के बाद ही सुरक्षित तरीके से आपूर्ति शुरू की जा सकती है। दूसरी ओर उपभोक्ताओं का कहना है कि खराब मौसम को लेकर पहले से चेतावनी जारी थी। ऐसे में विद्युत विभाग को संभावित नुकसान से निपटने के लिए पहले से संसाधन और टीमें तैयार रखनी चाहिए थीं। लोगों का सवाल है कि यदि मौसम की स्थिति की जानकारी पहले से थी तो बिजली व्यवस्था को लेकर वैकल्पिक इंतजाम क्यों नहीं किए गए।विभागीय स्तर पर शहर की आपूर्ति अलग-अलग क्षेत्रों के नुकसान को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से बहाल करने की बात कही जा रही है। बताया गया कि जिन क्षेत्रों में ज्यादा क्षति हुई है, वहां मरम्मत जारी रखते हुए अपेक्षाकृत सुरक्षित हिस्सों में आपूर्ति शुरू की जा सकती है। मेंहदावल के जेई शहर अशोक पटेल ने बताया कि आंधी-पानी के कारण कई जिलों में विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है। मेंहदावल में भी इसका असर पड़ा है। विभागीय टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और पोल को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं।विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने अधिकारियों से बातचीत में विभाग की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मौसम खराब होने की जानकारी पहले से होने के बावजूद जरूरी सावधानियां नहीं बरती गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता।विधायक के मुताबिक उनके गांव के पास बिजली का एक पोल पहले से झुका हुआ था, जिसकी तस्वीर विभाग को भेजकर सूचना दी गई थी। समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण आंधी में वह पोल गिर गया। उन्होंने बिजली के पोल लगाने और उनके बेस की मजबूती की जांच कराने की बात कही।विधायक ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कहते हुए चीफ इंजीनियर से स्पष्ट कहा कि रविवार शाम तक मेंहदावल शहर की बिजली आपूर्ति हर हाल में बहाल की जाए। लगातार बिजली संकट से परेशान लोगों को अब आपूर्ति बहाली का इंतजार है।
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