अभिजीत दीपके के फैसलों के पीछे कौन? CJP में पर्दे के पीछे की रणनीति का खुलासा, सामने आया ‘मेंटोर’ का नाम


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके के राजनीतिक और संगठनात्मक फैसलों के पीछे आखिर किसकी अहम भूमिका है? संगठन के विस्तार की रणनीति कौन तैयार करता है और मुश्किल परिस्थितियों में दीपके किससे सलाह लेते हैं? इन सवालों को लेकर CJP से जुड़ी एक वीडियो बातचीत में अहम जानकारी सामने आई है।
अभिजीत दीपके, सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे के बीच हुई वीडियो कॉल में संगठन से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा होती दिखाई देती है। इसी दौरान आशुतोष रांका ने आजिंक्य शिंदे को दीपके का मेंटोर बताया। दीपके ने भी इस बात पर सहमति जताई।

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CJP बनने से पहले से दीपके के साथ जुड़े हैं शिंदे
बातचीत के दौरान रांका ने बताया कि आजिंक्य शिंदे की दीपके के साथ जुड़ाव की शुरुआत कॉकरोच जनता पार्टी के गठन से पहले की है। उनके मुताबिक शिंदे लंबे समय से दीपके के मार्गदर्शक की भूमिका में रहे हैं और अब संगठन के निर्माण में भी उनके साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
सीजेपी की मौजूदा राष्ट्रीय टीम में भी शिंदे को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। अगस्त 2026 में घोषित राष्ट्रीय कार्यसमिति में उन्हें राष्ट्रीय संगठन प्रभारी बनाया गया था। संगठन ने उस समय देशभर में राज्य, लोकसभा और शहर स्तर पर संगठनात्मक ढांचा तैयार करने का रोडमैप भी सामने रखा था।
जंतर-मंतर आंदोलन में भी दिखी थी भूमिका
वीडियो बातचीत में आशुतोष रांका ने नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का जिक्र किया। रांका के अनुसार, आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और उसे आगे बढ़ाने में आजिंक्य शिंदे की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
रांका ने बातचीत में संकेत दिया कि मंच पर भले ही कई प्रमुख चेहरे दिखाई देते थे, लेकिन आंदोलन की व्यवस्थाओं और जमीनी स्तर पर गतिविधियों को संभालने में शिंदे लगातार सक्रिय थे।
अभिजीत दीपके ने भी इस बात का समर्थन करते हुए बताया कि आंदोलन के दौरान वॉलेंटियर्स की टीम तैयार करने, लोगों को व्यवस्थित करने और मौके पर व्यवस्थाएं संभालने जैसी कई जिम्मेदारियां शिंदे ने निभाईं।
वॉलेंटियर नेटवर्क तैयार करने का भी मिला श्रेय
दीपके के मुताबिक, जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान तैयार हुई वॉलेंटियर्स की टीम बाद में देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने लगी। उन्होंने इस नेटवर्क को खड़ा करने में आजिंक्य शिंदे की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
दीपके ने बातचीत में यह भी कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन से पहले वह मुख्य रूप से आजिंक्य शिंदे, सौरभ दास और आशुतोष रांका को जानते थे। यानी आंदोलन के दौरान तैयार हुआ नेटवर्क आगे चलकर CJP के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण आधार बना।
बातचीत में रांका ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि शिंदे दीपके को देर तक काम में लगाए रखते हैं। इस टिप्पणी से दोनों के बीच लंबे समय से चल रहे करीबी संगठनात्मक तालमेल का अंदाजा मिलता है।
AAP से रहा है पुराना जुड़ाव
आजिंक्य शिंदे का आम आदमी पार्टी से भी पुराना संबंध रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह महाराष्ट्र में AAP की युवा गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और गोवा में भी संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा चुके हैं। CJP की नई टीम में उन्हें राष्ट्रीय संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने से संगठन निर्माण में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
अभिजीत दीपके और CJP के अन्य प्रमुख चेहरों के भी आम आदमी पार्टी से पुराने संबंध रहे हैं। हालांकि CJP को लेकर इन नेताओं की वर्तमान राजनीतिक भूमिका और संगठनात्मक पहचान अलग है।
कैमरे के पीछे रणनीति बनाने वाला चेहरा?
वीडियो कॉल की बातचीत से जो तस्वीर सामने आती है, उसमें आजिंक्य शिंदे केवल औपचारिक पद संभालने वाले नेता के बजाय संगठन को जमीन पर विस्तार देने वाली टीम के महत्वपूर्ण सदस्य के तौर पर दिखाई देते हैं।
वॉलेंटियर नेटवर्क तैयार करने से लेकर संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने तक उनकी भूमिका का उल्लेख स्वयं दीपके और रांका की बातचीत में हुआ। वहीं CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति में संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने देशभर में संगठन के विस्तार की बड़ी जिम्मेदारी भी है।
इस तरह CJP के सार्वजनिक चेहरों के पीछे संगठन को व्यवस्थित करने वाली टीम में आजिंक्य शिंदे की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खास बात यह है कि अब तक संगठन के मंच पर दीपके और अन्य प्रमुख चेहरों की तुलना में शिंदे की सार्वजनिक मौजूदगी कम रही है, लेकिन संगठनात्मक जिम्मेदारी के लिहाज से उन्हें महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

Editor CP pandey

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