महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जवाहरलाल नेहरू स्मारक पीजी कालेज, महराजगंज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की तीनों इकाइयों—सतपुड़ा, विंध्याचल एवं शिवालिक—के संयुक्त तत्वावधान में महान चिंतक, युवा प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन के साथ की गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र ने स्वामी विवेकानंद के जीवनवृत्त पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि विवेकानंद का संपूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति, ज्ञान और अध्यात्म से अनुप्राणित रहा। अल्प आयु में ही उन्होंने अपने विचारों से न केवल युवा वर्ग, बल्कि हर आयु वर्ग को गहराई से प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के ज्ञान और दर्शन का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया ने उनके माध्यम से भारतीय संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नजदीक से जाना।
उन्होंने कहा कि उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए का मंत्र आज भी युवाओं के लिए उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है। आज के वैश्विक परिदृश्य में आवश्यकता है कि युवाओं से एक नया विवेकानंद उभरे, जो विश्व को समरसता और शांति की ओर ले जाए।
कार्यक्रम को वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. धर्मेन्द्र सोनकर ने भी संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने पर बल दिया।
इस अवसर पर डॉ. राहुल कुमार सिंह, डॉ. विजयानन्द, डॉ. अशोक कुमार वर्मा, डॉ. ज्योत्स्ना पाण्डेय, अशोक कुमार, अनिल सिंह, डॉ. सुनील तिवारी, मृत्युंजय तिवारी, डॉ. शान्ति शरण मिश्रा, गुलाब चन्द्र, डॉ. सिद्धार्थ नाथ शुक्ला, डॉ. प्राची कुशवाहा, डॉ. धर्मवीर, डॉ. के. आर. यादव सहित तीनों एनएसएस इकाइयों के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पीयूष कुमार जायसवाल द्वारा किया गया।
जवाहरलाल नेहरु पीजी कालेज में एनएसएस इकाइयों ने मनाई स्वामी विवेकानंद जयंती
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