गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय अब चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम (आईटीईपी) के माध्यम से बीएड की डिग्री के साथ स्नातक की डिग्री प्रदान करेगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में इस कोर्स के संचालन के लिए विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) में आवेदन किया गया था। जिसे अब स्वीकृति मिल चुकी है। अब इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) परीक्षाओं में उत्तीर्ण विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के सकेंगे।
आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों के लिए यह पाठ्यक्रम बीए बीएड, बीएससी बीएड तथा बीकॉम बीएड में उपलब्ध रहेगा। इस महत्वपूर्ण पहल पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा कि यह कोर्स विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है। वे इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर स्नातक की डिग्री के साथ-साथ शिक्षक बनने की दिशा में भी अपनी राह तय कर सकेंगे।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय इस पाठ्यक्रम को शुरू कर रहा है। यह कोर्स स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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