बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पहले प्रसव पूर्व जांच के लिए गर्भवती महिलाओं को महीने भर इंतज़ार करना पड़ता था, वहीं अब जनपद के 334 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में यह सुविधा प्रत्येक कार्य दिवस पर उपलब्ध है। इन केंद्रों पर ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन की जांच के साथ आयरन और कैल्शियम की दवाएं भी दी जाती हैं। जरूरत पड़ने पर ई-संजीवनी के माध्यम से ऑनलाइन परामर्श और उच्च स्तरीय देखभाल के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास निःशुल्क एम्बुलेंस से भेजा जाता है। सीएचओ इन्दु मिश्रा ने बताया कि उनके केंद्र पर हर माह 20–25 गर्भवती की जांच होती है। हाल ही में चैसार की मीना देवी को समय पर जांच व उपचार मिलने से वह और उनका बच्चा सुरक्षित हैं। जिले में इस वर्ष 53 हजार से अधिक गर्भवती का पंजीकरण, 41 हजार से ज्यादा की जांच व दवा, 16,495 को मातृत्व अभियान का लाभ और 10,478 का निःशुल्क अल्ट्रासाउंड हो चुका है। सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि नियमित जांच और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं से मातृत्व स्वास्थ्य की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है।
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