मुजफ्फरपुर(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना और भी आसान हो गया है। सरकार ने प्लस टू स्तर के स्कूलों की लाइब्रेरियों में IIT, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें उपलब्ध कराई हैं।
इसके साथ ही ई-लाइब्रेरी में मॉक टेस्ट की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। इससे छात्र राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के पैटर्न और कठिनाई स्तर को समझ सकेंगे। मॉक टेस्ट के जरिए विद्यार्थी अपनी तैयारी का आंकलन कर पाएंगे और कमजोरियों को दूर कर सफलता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
सरकारी योजना के तहत अब तक महंगी किताबें खरीदने में असमर्थ गरीब छात्रों के लिए यह पहल बड़ी राहत साबित होगी। छात्र लाइब्रेरी में बैठकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी से जुड़ी किताबों का अध्ययन कर सकेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रयास से छात्रों में मेडिकल और इंजीनियरिंग पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी सफलता की संभावना भी अधिक होगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में यह सुविधा मिलने से गांव और कस्बों के बच्चों को भी समान अवसर मिलेगा। अब तक ये बच्चे महंगी कोचिंग और पुस्तकें खरीदने से वंचित रह जाते थे। सरकार का यह कदम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
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