लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। यौन शोषण-धर्मांतरण मामला तूल पकड़ने के बाद राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में स्थित सभी मजारों पर नोटिस चस्पा कर 15 दिनों के भीतर उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर यदि मजार नहीं हटाई जाती हैं, तो केजीएमयू प्रशासन अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई करेगा। प्रशासन का कहना है कि परिसर में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बताया जा रहा है कि यौन शोषण-धर्मांतरण मामले के सामने आने के बाद यह मुद्दा लगातार चर्चा में रहा, जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। इससे पहले भी केजीएमयू प्रशासन ने मजार के पास हुए अवैध निर्माण को चिन्हित कर खाली कराया था और उसे ध्वस्त कर दिया गया था।
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केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर की गरिमा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। सभी निर्णय नियमों और शासन के निर्देशों के अनुसार लिए जा रहे हैं। नोटिस चस्पा किए जाने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
