गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। बेंगलुरु स्थित यू. आर. राव सैटेलाइट सेंटर, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में आयोजित अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन–2025 में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभाग के नौ छात्रों ने अपने चयनित शोध पत्र प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया। इस राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी सम्मेलन में विश्वविद्यालय की यह सहभागिता शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सम्मेलन में गोरखपुर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए शोध छात्र आफताब अंसारी सहित स्नातक स्तर के विद्यार्थी अंकिता मौर्या, तन्वी राव, तान्या मिश्रा, तनु प्रिया त्रिपाठी, दिव्या शैलजा पांडे, विजय कुमार, प्रियांश यादव और अमन मौर्या ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक विषयों पर आधारित अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सभी छात्रों ने सत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने शोध निष्कर्षों को विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के समक्ष रखा।
इसरो के यू. आर. राव सैटेलाइट सेंटर में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण-पत्र एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, छात्रों को इसरो की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान और उपग्रह प्रौद्योगिकी से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। यह अनुभव छात्रों के लिए अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रयोगात्मक समझ से जोड़ने का अवसर साबित हुआ।
सम्मेलन के दौरान छात्रों को इसरो के वैज्ञानिकों एवं अंतरिक्ष-यात्री प्रशांत बालकृष्णन नायर से संवाद का अवसर भी मिला। इस संवाद के माध्यम से छात्रों ने अंतरिक्ष विज्ञान, शोध की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद ने छात्रों के आत्मविश्वास और अनुसंधान के प्रति रुचि को और सुदृढ़ किया।
अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन–2025 में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान और दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से छात्र-छात्राएं एवं शोधार्थी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश से गोरखपुर विश्वविद्यालय का प्रमुख प्रतिनिधित्व रहा, जहां से सर्वाधिक नौ छात्रों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर और शोध संस्कृति को दर्शाती है।
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इन छात्रों के निर्देशक डॉ. राजेश कुमार, सहायक आचार्य, गणित विभाग ने बताया कि इस सम्मेलन से छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी नई और अद्यतन जानकारियां प्राप्त हुईं। उन्होंने कहा कि इसरो और डीआरडीओ जैसे उच्च संस्थानों में गणित की भूमिका और करियर संभावनाओं को लेकर छात्रों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिले हैं। इससे बीएससी और एमएससी के बाद अंतरिक्ष संस्थानों में करियर निर्माण की संभावनाएं और मजबूत होती हैं। डॉ. राजेश कुमार, जो स्वयं खगोल-भौतिकविद हैं, समय-समय पर छात्रों के लिए स्पेस साइंस से जुड़े विशेष व्याख्यान और प्रतियोगिताओं का आयोजन करते रहते हैं।
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी ने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों और विशिष्ट व्याख्यानों से छात्रों के शैक्षणिक एवं शोध कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय में आईकार्ड-प्रोग्राम की स्थापना की गई है, जो आयुका पुणे से संबद्ध है और जिसके माध्यम से विभिन्न अकादमिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
कुलपति प्रो. पूनम टण्डन ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के सम्मेलन में गोरखपुर विश्वविद्यालय से सर्वाधिक छात्रों का चयन होना विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट शोध वातावरण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय खगोल-भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में शोध के साथ-साथ विज्ञान के लोकप्रचार और वैज्ञानिक संचार में भी प्रभावी कार्य कर रहा है।
गणित एवं सांख्यिकी विभागाध्यक्ष एवं विभाग के शिक्षकों ने भी छात्रों की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी सम्मेलनों में सहभागिता से छात्रों का आत्मविश्वास, शोध क्षमता और शैक्षणिक दृष्टिकोण सुदृढ़ होता है। शिक्षकों ने सभी प्रतिभागी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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