पीड़ित के खातों से निकाले गए 4,000 रुपये साइबर टीम ने कराए वापस,पुलिस की त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में चर्चा
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। बढ़ते साइबर अपराधों के बीच महराजगंज पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया है। पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देशन,अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ और क्षेत्राधिकारी निचलौल शिव प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में निचलौल थाना साइबर टीम ने एक साइबर फ्रॉड मामले में पीड़ित के खोए हुए 4,000 रुपये वापस दिलाकर सराहनीय सफलता हासिल की है। पिपरा काजी,थाना निचलौल निवासी शन्देश्वर पटेल पुत्र शिव परसन के खाते से अज्ञात साइबर ठगों ने किसी तकनीकी जालसाजी के माध्यम से 4,000 रुपये निकाल लिए थे। अचानक पैसे कटने की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने तुरंत थाना निचलौल साइबर टीम से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही टीम सक्रिय हो गई और तकनीकी विश्लेषण, बैंक ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग तथा संबंधित पोर्टल से संपर्क कर धनराशि को ट्रेस किया। साइबर फ्रॉड के मामलों में अक्सर पैसा वापस मिलना मुश्किल होता है, लेकिन टीम की तेज़ी और बेहतर समन्वय की बदौलत राशि को ब्लाक कराकर सुरक्षित रूप से पीड़ित के खाते में वापस करा दिया गया।धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित शन्देश्वर पटेल ने राहत महसूस करते हुए निचलौल साइबर टीम का धन्यवाद किया और कहा कि पुलिस ने जिस तरह फुर्ती और पारदर्शिता से काम किया। उ.नि. संदीप यादव,का.मिथिलेश साहनी,का.संजीत कुमार सिंह,का.गुड़िया की की भूमिका सराहनीय रही। स्थानीय लोगों ने भी साइबर टीम की इस उपलब्धि की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस की तत्परता आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा देती है। पुलिस विभाग ने नागरिकों को सचेत करते हुए अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक, संदिग्ध कॉल, केवाईसी अपडेट, बैंक व ओटीपी से जुड़े संदेशों पर भरोसा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें, ताकि समय पर कार्रवाई शुरू की जा सके।
