ठेकेदार कल्याण समिति ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर बतायी परेशानी
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा) लोक निर्माण विभाग द्वारा रोज बनाए जा रहे नये नये नियम ठेकेदारों के लिए मुसीबत बन गए हैं। चाहे वह रॉयल्टी से संबंधित हो या नई कोषागार प्रणाली से भुगतान , या फिर निविदा आमंत्रण के समय दो प्रतिशत की जगह 10 प्रतिशत जमानत धनराशि सब कुछ ठेकेदारों पर जबरिया थोपा जा रहा है। यही नहीं शेड्यूल ऑफ रेट रिवाइज तथा ग्रामीण मार्गो पर ढुलाई में भी ठेकेदारों को दिक्कत आ रही है। इन विसंगतियों को लेकर आदर्श ठेकेदार कल्याण समिति ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर इन समस्याओं के निस्तारण की मांग की है।
ठेकेदार कल्याण समिति ने कहा है कि विभाग के इस रवैए से ठेकेदारों के सामने विभिन्न प्रकार की मुसीबतें आ रही हैं। जिसमें सड़कों का 5 वर्ष तक अनुरक्षण करने का जो नया नियम लागू हुआ है वह संभव नहीं है। क्योंकि सड़के ओवरलोड और जल जमाव की वजह से जल्दी खराब हो जा रही है । ऐसे में सड़कों की मोटाई बढ़ाई जाए और अनुरक्षण की अवधि 2 वर्ष तक ही रखी जाए।
समिति ने कहा है कि पहले रॉयल्टी ठेकेदारों के देयक से कटौती की जाती थी। बाद में नया आदेश लागू हुआ की रॉयल्टी परिवहन से ली जायेगी और गलत पाए जाने पर छः गुना कटौती की जायेगी। खनन विभाग के पोर्टल पर केवल नंबर से सत्यापन करने की वजह से कोई भी नंबर डालकर सत्यापन कर ले रहा है। ऐसे में रॉयल्टी पहले की तरह कटौती की जाए।
इसी तरह भुगतान में कोषागार प्रणाली की बजाय पुराने नियम से भुगतान करने, निविदा आमंत्रण में दो प्रतिशत जमानत धनराशि लेने, 6 महीने पर शेड्यूल रेट रिवाइज करने की मांग की है।
ठेकेदारों ने कहा है कि सबका साथ सबका विकास करने के लिए विभाग ठेकेदारों की समस्याओं का निस्तारण करें।
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