ना जोगीरा, ना चौताल गुम हो रही परम्पराएं, आवश्यकता है इनके संरक्षण की

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा) होली खेलें रघुबीरा अवध में…, आज बिरज में होली रे रसिया… जैसे फागुआ गीत (फाग गीत) अब बीते दिनों की बात हो गई है। अब गांवों में ढोल मजीरे तक की आवाज नहीं सुनाई दे रही है। गंवई परंपराओं पर आधुनिकता का चटक रंग चढ़ गया है। होली के फाग गीतों का स्थान भोजपुरी के अश्लील गीतों ने ले लिया है। एक्का-दुक्का गांवों में जैसे-तैसे इस परम्परा को बनाए रखने की औपचारिकता निभाई जा रही है। आपसी विद्वेष में गांवों का विकास तो बाधित हुआ ही है। अब परम्पराएं भी विलुप्ति के कगार पर पहुंच गई हैंl
भारत त्योहार, व्रत तथा परंपराओं का जीवंत सभ्यता और संस्कृति का दर्पण हैं। देश की अनेकता में एकता प्रदर्शित होने के पीछे हमारी समृद्ध परंपराओं और पर्वों का बहुत योगदान रहा है। बुजुर्गों की मानें तो गांवों में इन परम्पराओं को लोग भली-भांति निभाते थे। बसंत पंचमी से ही गांवों में फागुआ गीतों की बयार बहने लगती थी। फागुआ गीतों में राग, मल्हार, फगुवा, झूमर, चौताल, नारदी, तितला, चैता और बारहमासा आदि के माध्यम से भारतीय लोक संस्कृति की छाप बहुतायत देखने को मिलती थी। गांवों में लोग एक साथ बैठकर फाग गीतों के गाने से लोगों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द बढ़ता था। गांवों के झगड़े का निपटारा भी होली में आपसी बातचीत से ही हो जाता था। लेकिन आधुनिकता के चकाचौंध में लोक कलाओं के विलुप्त होने से समाज में आपसी वैमनस्यता बढ़ गई है।
आज आवश्यकता है पारम्परिक लोककलाओं के संरक्षण की।

rkpnews@desk

Recent Posts

शोध पात्रता परीक्षा (रेट 2025) का परिणाम जारी

उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का साक्षात्कार अप्रैल के तीसरे सप्ताह से गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय…

9 hours ago

पुलिस ने स्मैक के साथ दो को किया गिरफ्तार

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने मादक पदार्थों…

9 hours ago

भीषण आग से गेहूं की तैयार फसल जली, किसानों को भारी नुकसान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के विकासखंड सांथा के सुकरौली और खजुरी गांवों…

9 hours ago

कूड़ा जलाने से उठे धुएं से बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्थिति नियंत्रण में

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के तमकुहीराज क्षेत्र में ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल के पास सूखा…

9 hours ago

विदाई समारोह में छात्रों को दी गई उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l नगरपालिका स्थित बाबा राघव दास भगवानदास महिला महाविद्यालय आश्रम में छात्रों के…

9 hours ago

“नैतिकता से कानून तक: माता-पिता की सेवा न करने पर सैलरी कटौती का नया सामाजिक संदेश”

पिता की देखभाल न करने पर वेतन से 15 प्रतिशत त्वरित कटौती: सामाजिक न्याय,नैतिक जिम्मेदारी…

10 hours ago