एयर इंडिया में पायलट शेड्यूलिंग की लापरवाही उजागर: DGCA ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया, कारण बताओ नोटिस जारी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) विमानन नियामक नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने फ्लाइट क्रू शेड्यूलिंग में गंभीर और बार-बार की गई अनियमितताओं के चलते एयर इंडिया के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह कड़ा कदम हाल ही में अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उठाया गया है, जिसमें 241 लोगों की जान गई थी, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।

DGCA की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एयर इंडिया द्वारा क्रू शेड्यूलिंग में अनिवार्य लाइसेंसिंग, विश्राम और ताजगी (रीसेंसी) जैसे मानकों का बार-बार उल्लंघन किया गया। यह खुलासा तब हुआ जब एयरलाइन ने स्वेच्छा से ARMS (एविएशन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) से CAE फ्लाइट और क्रू मैनेजमेंट सिस्टम में बदलाव के बाद हुए गड़बड़ियों की जानकारी दी। इस प्रक्रिया की समीक्षा में पाया गया कि बिना आवश्यक योग्यता और आराम अवधि के बावजूद पायलटों को ड्यूटी पर तैनात किया गया।

AI-171 हादसे की पृष्ठभूमि में सख्ती

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद बीजे मेडिकल कॉलेज छात्रावास परिसर पर गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस त्रासदी को भारत की सबसे भयावह विमानन दुर्घटनाओं में गिना जा रहा है। हादसे की पृष्ठभूमि में DGCA ने एयरलाइन के जवाबदेह प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

DGCA के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने 16 और 17 मई को बैक-टू-बैक दो लंबी दूरी की उड़ानें संचालित कीं — बेंगलुरु से लंदन की AI-133 फ्लाइट — जो अनुमत 10 घंटे की अधिकतम उड़ान सीमा से अधिक थीं। यह सीधा ड्यूटी नियमन का उल्लंघन है।

सात दिन की मोहलत, दस दिन में रिपोर्ट

नियामक ने संबंधित अधिकारी से 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है कि उनके खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही एयरलाइन को सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आंतरिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने और इसके नतीजे 10 दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

निगरानी में सख्ती, सुरक्षा सर्वोपरि

सूत्रों के अनुसार, हटाए गए तीन अधिकारी सीधे तौर पर पायलटों के रोस्टर और ड्यूटी साइकल की योजना बनाने में शामिल थे — जो उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह कार्रवाई DGCA द्वारा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कठोर रुख अपनाने की ओर स्पष्ट संकेत देती है।

Editor CP pandey

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