एनसीसी सैनिक प्रशिक्षण की पौधशाला: शशांक मणि त्रिपाठी देवरिया।युवा नागरिकों में अनुशासन, चरित्र, साहस और निस्वार्थ सेवा की भावना का विकास करने के उद्देश्य से ही सन 1948 में राष्ट्रीय कैडेट कोर की स्थापना की गई। यह एक ऐसी पौधशाला है जो पूरे भारत के युवाओं में सैनिक नेतृत्व की क्षमता का विकास करता है। इसका आदर्श वाक्य एकता और अनुशासन है।यह बातें सदर सांसद शशांक मणि ने गुरुवार को गोरखपुर रोड स्थित राजकीय पालिटेक्निक के फेयरवेल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि यह संगठन युवाओं को सामाजिक सेवाओं, अनुशासन और साहसिक प्रशिक्षण के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है तथा एनसीसी के कैडेटों को छोटे हथियारों और ड्रिल में बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण भी देता है। सांसद मणि ने भारतीय सैनिकों की वीरता, साहस और पराक्रम का बखान करते हुए छात्रों को देशभक्ति की भावना को आत्मसात करने की प्रेरणा दी तथा एनसीसी प्रशिक्षुओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान लेफ्टिनेंट यावर सिंह, मेजर कुलदीप सिंह, नरेंद्र मिश्रा, बीके गौतम तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर के छात्र छात्राएं शामिल रहीं।