Tuesday, February 10, 2026
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गोरखपुर में विद्यार्थियों से रू-बरू हुईं नासा साइन्टिस्ट, अन्तरिक्ष कार्यशाला में दिया सफलता का संदेश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश और स्पेस आर्टिस्ट सुष्मिता सिंह बक्की के संयुक्त तत्वावधान में 10 फरवरी 2026 को अन्तरिक्ष में मानव विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नासा साइन्टिस्ट (भारतीय मूल) डॉ. हाशिमा हसन रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह उपस्थित रहे।
कार्यशाला में सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल, गौतम बुद्धा एकेडमी तथा एन.पी.ए. एकेडमी, गोरखपुर के कुल 80 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय सहित दो सान्त्वना पुरस्कार, प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में अच्छे प्रयास के लिए 38 छात्र-छात्राओं को भी प्रमाण-पत्र दिए गए।
प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अनुष्का यादव को, द्वितीय पुरस्कार रितिका मार्य (एन.पी.ए. एकेडमी) को तथा तृतीय पुरस्कार और एक सान्त्वना पुरस्कार सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल के अश्विन पाण्डेय एवं आदित्य त्रिपाठी को मिला। दूसरा सान्त्वना पुरस्कार गौतम बुद्ध एकेडमी दिव्यनगर, खोराबार के कुमार चैतन्य को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम संयोजक एवं स्पेस आर्टिस्ट सुष्मिता सिंह बक्की ने बताया कि डॉ. हाशिमा हसन 9 फरवरी 2026 को नासा के स्पेस सेंटर से सीधे गोरखपुर पहुँचीं और इस आयोजन में सहभागिता की, जो संग्रहालय एवं विद्यार्थियों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कार्यक्रम की रूप-रेखा और उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि डॉ. हाशिमा हसन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने जीवन संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस दौर में उन्होंने पढ़ाई की, उस समय लड़कियों के लिए आगे बढ़ना आसान नहीं था, लेकिन निरन्तर प्रयास, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से सपनों को साकार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से सकारात्मक सोच रखने तथा असफलताओं से न घबराने का आह्वान किया।
सुष्मिता सिंह बक्की ने बताया कि वे कंप्यूटर साइंस इंजीनियर होने के साथ-साथ पिछले सात वर्षों से स्पेस आर्ट के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी बनाई स्पेस आर्ट इसरो में भी प्रदर्शित हो चुकी है। वर्तमान में वे अंतरिक्ष में भारत के योगदान पर आधारित एक विशेष श्रृंखला पर कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर संग्रहालय में उनकी स्पेस आर्ट से सम्बन्धित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें दस महाविद्या और ब्रह्माण्डीय ऊर्जा तथा बिग बैंग थ्योरी और हिरण्यगर्भ जैसे विषय शामिल हैं।
खगोलविद् अमर पाल सिंह ने कहा कि ब्रह्माण्ड सभी के लिए है और डॉ. हाशिमा हसन जैसे वैज्ञानिकों का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने हबल स्पेस टेलीस्कोप और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप जैसे महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में सीनियर साइन्टिस्ट के रूप में कार्य कर विज्ञान जगत को नई दिशा दी है।
कार्यक्रम के समापन पर संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। नासा साइन्टिस्ट का गोरखपुर आकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद करना, विशेषकर छात्राओं के लिए, प्रेरणादायक पहल है। कार्यक्रम का संचालन शिवनाथ और प्रभाकर शुक्ला ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों का सहयोग उल्लेखनीय रहा।

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