सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर पंचायत सलेमपुर में कथित लूट, भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ मंगलवार को नगर जागरूकता दल द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। यह धरना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला, जिसके अंत में तहसीलदार सलेमपुर अलका सिंह को 18 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। धरना को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के आयोजक एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुधाकर गुप्ता ने कहा कि “नगर पंचायत में धांधली और लूट ने अपनी सीमाएं लांघ ली हैं। चाहे नाली-नाले का निर्माण हो या सड़कों की मरम्मत, हर योजना में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। 80 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद नाले में पानी का बहाव तक नहीं हो रहा है। अब सब्ज़ी मंडी को उजाड़ने की योजना बनाई जा रही है। यदि 15 अगस्त तक जांच कर कार्यवाही नहीं की गई, तो इसके बाद आंदोलन और उग्र होगा।” कार्यक्रम के सह-संयोजक सोमेश्वर सिंह पूर्वांचल ने नगर पंचायत अध्यक्ष पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि “उनकी कार्यप्रणाली से नगर में बदबू फैल गई है। वे न्याय नहीं कर पा रहे हैं और हर किसी से विवाद करते नज़र आते हैं। सलेमपुर के इतिहास में इतना भ्रष्ट अध्यक्ष कभी नहीं रहा।” व्यापारी नेता शंभू दयाल गुप्ता ने कहा कि “मछली हटाने और पटरी उजाड़ने के बाद अब अध्यक्ष की नज़र सब्ज़ी मंडी पर है। यदि मंडी उजड़ गई तो सलेमपुर का व्यापार बर्बाद हो जाएगा। नगर अध्यक्ष हर काम में कमीशन ले रहे हैं, जिसकी जांच आवश्यक है।” धरना सभा को गिरिजा शंकर पटेल, राजेश रावत, दिनदयाल यादव, युगुल किशोर पांडेय, बहादुर प्रसाद, परमानंद, सत्य प्रकाश विश्वकर्मा, जफर पूर्वांचल, हरेन्द्र मिश्र, शिव सागर जायसवाल, बिरझन गौड़, गुलाब विश्वनाथ राजभर, रामनली राजभर सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम की संचालन और अध्यक्षता सुधाकर गुप्ता ने की।