बघौचघाट,देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
सनातन धर्म में नागपंचमी का त्योहार विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ नाग देवता की पूजा करने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से जीवन के तमाम संकट दूर होते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
सावन माह में उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और शिव योग के संयोग में मंगलवार को नाग पंचमी का पर्व पूरे पथरदेवा क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। क्षेत्र के सभी शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नाग देवता की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भक्तों ने दूध, लावा, फूल और गेरुआ अर्पित कर नागदेवता से सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की। नाग पंचमी पर मेंदीपट्टी,नोनिया पट्टी,देवरिया धूस,सेमरी,ओली पट्टी,नेरुआरी,रामपुर महुआबारी,विशुनपुरा बाजार,रामनगर,अहिरौली,कोटवा मिश्र,पांडेयपुर आदि गांव में नाग देव की पूजा पाठ किए।वही क्षेत्र के कुछ गांव के युवकों ने बगीचों में इकठ्ठा होकर चिक्का,कब्बड्डी,कूद आदि खेल खेले जो विलुप्त हो रही परम्परा को जीवंत किया।
श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर मेंदीपट्टी धाम के पुजारी आचार्य राजू मिश्रा ने बताया कि नाग पंचमी त्यौहार का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहां पूजा करने से सर्प दोष शांत होता है और घर-परिवार में शांति बनी रहती है।