भक्तों की मुरादें पूरी करती हैं नदुआ की मां ब्रह्मचारिणी देवी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर तहसील अंतर्गत बागा पार ग्राम सभा नदुआ स्थित आदि शक्ति जगत जननी मां नदुआ मंदिर लोगों के आस्था का केन्द्र बना हुआ है। इस मंदिर पर पहुंच कर मां के दर्शन मात्र से भक्तों के कष्ट दूर हो जाते है। यहां नवरात्र में दर्शन के लिए गोरखपुर , कुशीनगर , सिद्धार्थनगर , वस्ती के श्रद्धालु भी मां के दर्शन करने आते है। यह है मंदिर का इतिहास 1986 से शुरू हुआ है जो ग्राम सभा के लोगो द्वारा दुर्गा पूजा के साथ सम्पन्न हुआ और धीरे धीरे झोपड़ी मे मूर्ति रखकर पूजा अर्चना करने लगे माता की आशीम कृपा से एक ग्राम सभा के छोटे लाल जासवाल की मन्नत पूरी हुई और स्थाई मन्दिर का निर्माण कराया। मन्दिर बनने के बाद पूजा-अर्चना शुरु होते ही इस गांव के साथ-साथ अगल-बगल के गांव में सभी लोग सुख समृद्धि से अपना जीवन यापन करने लगे। लोग कहते हैं कि मां विभिन्न रूपों में गांवों विचरण करती थी। एक बार नवरात्री के समय तीन दिवसीय कार्यक्रम हो रहा था कि किसी ने मां के स्थान पर कपूर जलाकर पूजा अर्चना कर रहे थे कि मां की साड़ी सहित टेंट का सामान जलकर राख हो गया इस घटना मे जला सामान बागा पार के जनता टेंट हाउस के मालिक मूल्हा खान का था लेकिन मूल्हा ने जले समान का एक भी रुपया नही लिया लेकिन गॉव मे मा का प्रकोप बढ गया जो पूरे ग्राम सभा के लोगो ने पूजा, अर्चना ,बिनती किया तब जाकर मां शान्त हुई लेकिन आज भी मां के चेहरे पर आसू जैसे भावुक रहता है मां का जो दर्शन करते है उनके आखो में आंसू आ जाते हैं लोगों के अनुसार जब आग वाली घटना हुआ था तब से मुस्लिम परिवार के लोग भी रुचि लेते है और मन्दिर मे आकर पूजा अर्चना करते है यह सब तब से प्रारम्भ हुआ जब से बागा पार के जनता टेंट हाउस के मालिक मूल्हा खान का था लेकिन मूल्हा ने जले समान का एक भी रुपया नही लिया और उनका व्यवसाय मे तरक्की होने लगा लोगो का कहना है कि मां का स्वरूप गोरे रंग की है जो सफेद रंग की साड़ी मे सुबह भोर मे गाव की कई महिलाए देख चुकी हैं इस प्रकार एक ब्रह्मचारिणी देवी के रुप में देखा गया है माता जी बड़ी दयालु हैं जो भी भक्त माता का दर्शन करके मन्नत मांगता है उनकी सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं मन्नत पूरी होने पर लोग ब्रह्मचारिणी देवी को चढ़ावा चढ़ाते हैं ।

Editor CP pandey

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