राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप का 486वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया

युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को जीवन में उतारने का किया गया आह्वान

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में शनिवार को क्षत्रिय शिरोमणि महाराणा प्रताप का 486वां जन्मोत्सव श्रद्धा, उत्साह और गौरवपूर्ण वातावरण में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के त्याग, बलिदान, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्रहित एवं समाज हित में कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कालिका सिंह द्वारा भगवान श्रीराम एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात पूर्व प्रधानाचार्य विजय बहादुर सिंह ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप अमर रहें के जयघोष के साथ वीर शिरोमणि को नमन किया।
अपने संबोधन में कालिका सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के खातिर अपना पूरा जीवन संघर्ष में व्यतीत कर दिया, लेकिन कभी भी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्र निष्ठा की अनुपम मिसाल है। उनके आदर्श आज भी समाज और विशेष कर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना और देशहित को सर्वोपरि रखना ही महाराणा प्रताप के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने इतिहास और संस्कृति पर गर्व करें तथा राष्ट्र और समाज के लिए सकारात्मक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएं।
यह आयोजन दिनेश सिंह के आवास पर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में समाज के लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष अभय सिंह, श्रीराम शाही, दिनेश सिंह, नमित सिंह, परमहंस सिंह, रघुवंश सिंह, आदित्य सिंह, विजय बहादुर सिंह, विपुल सिंह, सुनील शाही, राकेश सिंह, उत्सव सिंह, विपिन सिंह एवं सौरभ सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहें।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम, संघर्ष और मातृभूमि के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन देशभक्ति की अमर गाथा है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज में भाई-चारा, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, उमंग और गौरव का माहौल बना रहा।

rkpNavneet Mishra

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