Thursday, January 15, 2026
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इंसाफ की लड़ाई में टूटी मां, सल्फास खाकर दी जान

दरभंगा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार के दरभंगा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूल में संदिग्ध हालात में हुई नौ वर्षीय बच्चे की मौत के बाद इंसाफ की तलाश कर रही मां ने आखिरकार आत्मघाती कदम उठा लिया। मृतका की पहचान मनीषा देवी के रूप में हुई है, जो लहेरियासराय क्षेत्र की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि मनीषा का इकलौता बेटा कश्यप एक निजी स्कूल में पढ़ता था, जहां उसकी मौत हो गई थी।
परिजनों का आरोप है कि कश्यप की मौत सामान्य नहीं थी और इसके पीछे स्कूल प्रशासन की गंभीर लापरवाही या साजिश हो सकती है। इस संबंध में बहादुरपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन तीन महीने बीतने के बावजूद जांच में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि पुलिस से मदद की उम्मीद लेकर जब-जब मनीषा थाने गईं, उन्हें सहयोग की जगह फटकार और टालमटोल का सामना करना पड़ा।
समय के साथ मनीषा मानसिक रूप से टूटती चली गईं। बेटे की मौत का दर्द और सिस्टम से मिल रही निराशा ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। बीती रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में मनीषा ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने सल्फास का सेवन किया है। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतका के भाई शिव शंकर साह ने बताया कि उनकी बहन अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहती थी, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता ने उसकी जान ले ली। इस घटना ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या कश्यप की मौत और मनीषा की आत्महत्या की निष्पक्ष जांच होगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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