बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l शहर के बीचों-बीच बहने वाला ऐतिहासिक कटहल नाला अब आधुनिक स्वरूप में विकसित होगा। मंगलवार को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 18.07 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित कटहल नाला विकास एवं सौंदर्यीकरण परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया।
परियोजना के तहत नाले को “जूही चौपाटी” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे शहर की सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन दोनों को मजबूती मिलेगी। मंत्री ने बताया कि कटहल नाला केवल जल निकासी का माध्यम नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर भी है। यह नाला एशिया के प्रसिद्ध सुरहा ताल से जुड़ा है और बाढ़ के समय अतिरिक्त पानी निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लगभग 5 किलोमीटर लंबा यह नाला शहर के घनी आबादी वाले हिस्सों से होकर गुजरता है। वर्षों से गंदगी और अतिक्रमण के कारण इसकी स्थिति खराब हो गई थी। मंत्री ने कहा कि विकास की शुरुआत वहीं से होगी, जहां सबसे अधिक गंदगी है।
परियोजना के अंतर्गत प्रबंधापुर पुल से रामपुर महावल बैराज तक लगभग 2 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य होंगे। नाले के दोनों किनारों पर बोल्डर पिचिंग और जियो-सेल मेम्ब्रेन सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अलावा सरफेस पार्किंग, लैंडस्केपिंग, हॉर्टिकल्चर, आकर्षक फसाद निर्माण, सुरक्षा बैरियर, सोलर लाइटिंग और मायावकी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण और आमजन के घूमने-फिरने का नया केंद्र बनेगा।
कार्य को यूपी जल निगम (नगरीय) की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस), आजमगढ़ द्वारा कराया जाएगा। परियोजना के पूरा होने से शहर में जलभराव की समस्या में राहत मिलेगी और बरसात के दौरान जल निकासी बेहतर होगी।
मंत्री ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि नाले के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये और सफाई कार्य हेतु सिंचाई विभाग द्वारा 2 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। भूमि पूजन कार्यक्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, पूर्व मंत्री नारद राय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। यह परियोजना बलिया शहर को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
