महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को धरातल पर लागू करने वाले ग्राम रोजगार सेवक आज खुद आर्थिक बदहाली से जूझ रहे हैं। जनपद महराजगंज में अगस्त 2025 से ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय लंबित है, जिससे उनके सामने गंभीर आजीविका संकट खड़ा हो गया है।
दशहरा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहार बिना वेतन के गुजर गए, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता बनी हुई है। ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले आयोजित बैठक में सेवकों ने साफ कहा कि वे पूरी ईमानदारी से सरकारी योजनाओं को सफल बना रहे हैं, फिर भी समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा।
मानदेय न मिलने से पढ़ाई, इलाज और राशन पर संकट
ग्राम रोजगार सेवकों का कहना है कि मानदेय न मिलने से बच्चों की पढ़ाई बाधित, इलाज ठप और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारी मजबूरी में कर्ज लेकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
प्रशासन को कई बार कराया गया अवगत, फिर भी भुगतान नहीं
संघ ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया। शासन स्तर पर भी पत्राचार हुआ, लेकिन भुगतान से जुड़ी फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं। जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी, मनरेगा कार्य ठप होने की आशंका
ग्राम रोजगार सेवक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो जिले भर में कार्य बहिष्कार और आंदोलन किया जाएगा। सड़क पर उतरने की रणनीति भी तैयार की जा रही है। इसके बाद यदि मनरेगा कार्य प्रभावित हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में श्रवण, जितेंद्र, अजय कुमार, मदन वर्मा, सुनील शर्मा, पंकज कुमार, राजेश निषाद, मनोज, शैलेन्द्र, बंधु मद्धेशिया, अमरनाथ, राहुल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।
