मेघालय कोयला खदान हादसा: 18 मजदूरों की मौत, कई फंसे; पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

ईस्ट जयंतिया हिल्स (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।
मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के थांगस्कू इलाके में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आई नोंगरंग के अनुसार, अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसे के समय खदान के भीतर कितने लोग मौजूद थे, इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल सकी है, जिससे कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मेघालय कोयला खदान हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदनाएं हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना जताते हुए राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि राहत-बचाव कार्य में किसी तरह की कमी न रहे और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से फोन पर बातचीत कर ईस्ट जयंतिया हिल्स कोयला खदान धमाके की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य एजेंसियां स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर बचाव कार्य में जुटी हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस मेघालय खदान दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मजदूरों की मौत की खबर अत्यंत दुखद है और वह शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हैं। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

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स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खदान में विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर गैस रिसाव या अवैध खनन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मेघालय कोयला खदान हादसा एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े नियमों का पालन और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। राहत कार्य पूरा होने के बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।

Editor CP pandey

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